news-details

राष्ट्रीय खेल दिवस पर पीएम श्री सेजेस बसना में कबड्डी प्रतियोगिता का भव्य आयोजन

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर पीएम श्री सेजेस बसना के प्राथमिक विभाग में खेलकूद का वातावरण बेहद जोशीला रहा। महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की पुण्यतिथि पर उनके योगदान को स्मरण करते हुए विद्यालय परिसर में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य के.के. पुरोहित के मार्गदर्शन एवं एच.आर. साव (प्रधान पाठक प्राथमिक) के निर्देशन में हुआ। इस अवसर पर प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि “खेल केवल शारीरिक विकास ही नहीं बल्कि मानसिक मजबूती, टीम भावना और अनुशासन का प्रतीक हैं। बच्चों को खेलों से जुड़कर जीवन में संतुलन और सफलता प्राप्त होती है।”

बच्चों को चार समूहों में बांटा गया

प्रतियोगिता में बच्चों को चार समूहों – महानदी, इंद्रावती, अरपा और पैरी – में विभाजित किया गया। प्रत्येक समूह ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ मैच खेले। मुकाबलों के दौरान बच्चों का जोश देखते ही बनता था। खेल मैदान में बच्चों की तालियों और जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

विजेता प्रतिभागी

लड़कों की प्रतियोगिता में डोमेस, मोनेश, आशीष, प्रखर, रुद्र, फरहान, प्रियांशु, ओम नाग, जैद खत्री और अमित ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीम को विजयी बनाया। वहीं बालिकाओं की प्रतियोगिता में अमायरा, लिली, सना, अर्पिता, प्राची, गायत्री, आयुषी और यशिका ने अपनी खेलकौशल से विजय प्राप्त की।

सम्मान एवं प्रोत्साहन

विजेता टीमों को प्राचार्य के.के. पुरोहित द्वारा शिल्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्होंने सभी विजयी बच्चों को बधाई दी तथा अन्य विद्यार्थियों को भी खेलों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।

आयोजन में सहयोग

इस अवसर पर विद्यालय परिवार के शिक्षक भूपेंद्र प्रधान, मुकेश साहू, कमला पटेल और नवीन साव उपस्थित रहे। सभी ने प्रतियोगिता को सफल बनाने में सहयोग दिया और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

राष्ट्रीय खेल दिवस का संदेश

प्रतियोगिता के समापन पर प्राचार्य ने कहा कि “मेजर ध्यानचंद ने अपने खेल से भारत को गौरवान्वित किया। हमें उनसे प्रेरणा लेकर बच्चों में खेल भावना और अनुशासन की संस्कृति विकसित करनी चाहिए। खेल ही स्वस्थ और मजबूत भारत का आधार हैं।”

इस तरह पीएम श्री सेजेस बसना में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता न केवल बच्चों के लिए आनंद और उत्साह का अवसर बनी बल्कि उनमें खेल के प्रति रुचि, अनुशासन और टीम स्पिरिट को भी प्रबल किया।


अन्य सम्बंधित खबरें