ईरान में 12000 लोगों की हत्या, इतिहास का सबसे बड़ा हत्याकांड
डेस्क। ईरान में बगावत की आग धधक रही है। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ सडक़ों पर उबाल जारी है। 28 दिसंबर को शुरू हुआ जनआंदोलन अब देश के शहर-शहर फैल चुका है। इसी बीच ईरान से जुड़े मामलों को कवर करने वाली ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने ईरान में 12 हजार प्रदर्शनकारियों की हत्या का दावा किया है और ये हत्याएं पिछले 17 दिनों में हुई हैं। वेबसाइट ने इसे ईरान के आधुनिक इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा हत्याकांड बताया है। कहा जा रहा है कि सडक़ों पर लाशें बिछी हैं, भयावह मंजर दिख रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के आदेश दिए हैं। वहीं ईरानी अधिकारियों ने मरने वालों की संख्या 2000 बताई है।
वेबसाइट का कहना है कि यह जानकारी कई सोर्सज पर आधारित है। इस डाटा की कई लेवल पर जांच की गई और सख्त प्रोफेशनल स्टैंडर्ड के मुताबिक पुष्टि के बाद ही इसे जारी किया गया। ज्यादातर मारे गए लोग 30 साल से कम उम्र के थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ज्यादातर हत्याएं रिवोल्यूशनरी गाड्र्स और बसीज फोर्स ने गोली मारकर की है और ये सब सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के आदेश पर हुआ। दावा किया गया है कि अधिकतर हत्याएं आठ और नौ जनवरी की रात को हुईं। सरकार इंटरनेट और कम्युनिकेशन को ठप कर अपने अपराध दुनिया से छिपा रही है।
सरकारी इमारतों पर कब्जा कर लें ईरानी प्रदर्शनकारी
अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शन कर रह लोगों को सरकारी इमारतों पर कब्जा करने की सलाह दी है। उन्होंने मंगलवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान के देशभक्त प्रदर्शन करते रहें और अपनी संस्थाओं को अपने कब्जे में लें। ट्रंप ने लोगों से प्रदर्शन जारी रखने अपील की और कहा कि मदद रास्ते में हैं। जो लोग प्रदर्शनकारियों की हत्या और उन पर अत्याचार कर रहे हैं, उनके नाम दर्ज किए जा रहे हैं। उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने ईरान के अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द कर दिया है। जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्याएं बंद नहीं होतीं, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी।