महासमुंद : देशभक्ति के रंग में रंगा स्वामी आत्मानंद कॉलेज, वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनी
स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय, महासमुंद में आज वंदे मातरम् गान की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 11:30 बजे महाविद्यालय प्रांगण में हुई। आयोजन में देशभक्ति, सांस्कृतिक चेतना एवं राष्ट्रीय गौरव का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष माननीय सतपाल सिंह पाली रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था प्रमुख प्राचार्य प्रो. डॉ. अनुसुइया अग्रवाल ने की। विशेष अतिथि के रूप में अमन वर्मा, जनभागीदारी समिति सदस्य, उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन-वंदन से हुआ।
इसके पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों एवं विचारोत्तेजक भाषणों की प्रस्तुतियाँ दी गईं। विद्यार्थियों ने अपने गीतों एवं भाषणों के माध्यम से वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व, स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका तथा राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। तत्पश्चात संस्था प्रमुख प्राचार्य प्रो. डॉ. अनुसुइया अग्रवाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि “वंदे मातरम् केवल शब्द नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र की आत्मा है। यह गीत हमें त्याग, समर्पण और देशप्रेम की भावना से जोड़ता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युवा वर्ग ही देश का भविष्य है और उसे अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझते हुए आगे बढ़ना चाहिए। इसके बाद मुख्य अतिथि माननीय सतपाल सिंह पाली जी ने अपने संबोधन में वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। उन्होंने कहा कि “जब-जब वंदे मातरम् गाया गया, तब-तब भारतवासियों की रगों में देशभक्ति का संचार हुआ।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझें और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनें। दोपहर 12:50 बजे एक छात्रा द्वारा वंदे मातरम् गीत का एकल गायन प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भावनात्मक बना दिया। इसके पश्चात 12:55 बजे सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अतिथियों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रप्रेम के नारों और भावनाओं से गूंज उठा।
मोनिषा साहू (बीएससी गणित अंतिम वर्ष) ने गीत में प्रथम स्थान, हर्षिता साहू (बीएससी कंप्यूटर साइंस अंतिम वर्ष) ने भाषण में द्वितीय स्थान व अनन्या यादव बीएससी गणित अंतिम वर्ष ने भाषण में तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि एवं विशेष अतिथि को सम्मानस्वरूप स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया, जिस पर अतिथियों ने महाविद्यालय के इस आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिमा चंद्राकर, सहायक प्राध्यापक (हिंदी) द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन श्री निलेश तिवारी, अतिथि व्याख्याता (गणित) ने किया। इस दौरान कार्यक्रम में रवि देवांगन (सहायक प्राध्यापक, अर्थशास्त्र), तरुण कुमार बांधे (सहायक प्राध्यापक एवं वाणिज्य संकाय प्रमुख) व अतिथि व्याख्याता डॉ. ग्लैडिस एस. मैथ्यू (समाजशास्त्र), आलोक हिरवानी (कंप्यूटर साइंस), चित्रेश बरेठ (रसायन शास्त्र), हरिशंकर नाथ (राजनीति विज्ञान), माधुरी दीवान (वाणिज्य), खुशी वर्मा (भौतिकी), शेषनारायण साहू लैब टेक्नीशियन, जगतारण बघेल लैब टेक्नीशियन, नानक साहू कंप्यूटर ऑपरेटर एवं समस्त छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, एकता और कर्तव्यबोध की भावना जागृत करने वाला प्रेरणास्रोत भी सिद्ध हुआ।