SC/ST आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
एससी/एसटी समुदाय को मिलने वाले आरक्षण में भी 'क्रीमी लेयर' के सिद्धांत को लागू किए जाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र, सभी राज्यों , अनुसूचित जाति आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग को नोटिस जारी किया है। यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई है, जिसमें आरक्षण नीति में बदलाव की मांग की गई है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता और अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दलील दी कि अगर किसी एससी या एसटी परिवार का सदस्य पहले से ही किसी सांविधानिक पद या वरिष्ठ सरकारी पद पर है, तो उसके बच्चों को आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एससी/एसटी वर्गों के भीतर सामाजिक और आर्थिक रूप से उन्नत परिवारों को लगातार आरक्षण का लाभ मिलते रहना सकारात्मक कार्रवाई के मूल उद्देश्य को कमजोर करता है।
एसटी, एससी वर्ग में कई ऐसे भी हैं जो संपन्न हो गए हैं। इसके बावजूद वही वर्ग पीढ़ी दर पीढ़ी आरक्षण का लाभ लेता आ रहा है, जिससे समुदाय के सबसे कमजोर और जरूरतमंद लोग वंचित रह जाते हैं।