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महासमुंद जिले में कमार जनजाति के समग्र विकास की दिशा में सार्थक पहल

कमार जनजाति के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए शासन प्रतिबद्ध

महासमुंद जिले में कमार जनजाति का निवास बागबाहरा, महासमुंद एवं पिथौरा विकासखंड के कुछ ग्रामों में है। आदिम जाति अनुसंधान केंद्र द्वारा वर्ष 2015-16 में किए गए आधारभूत सर्वेक्षण के अनुसार जिले में कुल 923 कमार परिवार निवासरत हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 3309 है। इसमें 1614 पुरुष एवं 1695 महिलाएं शामिल हैं। यह जनजाति विशेष पिछड़ी जनजाति की श्रेणी में आती है, जिसके समग्र विकास हेतु जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

कमार जनजाति के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए जिला प्रशासन द्वारा समग्र कार्ययोजना तैयार की गई है। शासन द्वारा दो बहुद्देशीय केंद्रों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिन पर प्रति केंद्र 60 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है। इन केंद्रों का शुभारंभ 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। इन बहुद्देशीय केंद्रों में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी सेवाएं, स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं तथा जिला पंचायत द्वारा आजीविका संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कलेक्टर के निर्देशानुसार बच्चों के लिए खेल परिसर, ओपन जिम एवं किचन गार्डन की भी व्यवस्था की गई है।

सड़क, जल, बिजली एवं संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष ध्यान दिया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 26 सड़कविहीन बसाहटों के लिए सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गई, जिनमें से 18 सड़कें, कुल 18.5 किलोमीटर लंबाई की, पूर्ण हो चुकी हैं। शेष सड़कों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है, जिसे 31 मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग द्वारा 32 बसाहटों के 314 घरों को नल-जल योजना से जोड़ा गया है तथा शेष 581 घरों हेतु राशि आबंटन प्रस्तावित है। 

बिजली से वंचित 62 ग्रामों के 330 परिवारों को विद्युत कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। वहीं, ग्राम रोड़ा में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा हेतु नवीन मोबाइल टावर की स्वीकृति दी गई है, जिसका निर्माण शीघ्र प्रारंभ होगा। वहीं स्वास्थ्य की दृष्टि से तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग द्वारा दो मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित की जा रही हैं। इसी तरह विशेष पिछड़ी जनजाति के 678 कच्चे मकानों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 574 आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष निर्माणाधीन हैं।

पूर्व में कमार जनजाति की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या व्यक्तिगत दस्तावेजों से वंचित थी। इस समस्या के समाधान के लिए विशेष शिविरों एवं घर-घर संपर्क अभियान के माध्यम से व्यापक कार्य किया गया। वर्तमान में सभी 3309 व्यक्तियों के नाम राशन कार्ड में जोड़े जा चुके हैं तथा सभी को प्राथमिकता राशन कार्ड के माध्यम से प्रतिमाह 35 किलोग्राम निःशुल्क चावल प्रदान किया जा रहा है। ग्रामों में निवासरत 1550 व्यक्तियों के आधार कार्ड पूर्ण किए जा चुके हैं। इसके अलावा सभी पात्र 2327 हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। 1825 पात्र हितग्राहियों के राष्ट्रीयकृत बैंकों में खाते खुलवाए गए हैं। सभी पात्र व्यक्तियों को पेंशन, एलपीजी सब्सिडी, महतारी वंदन योजना, छात्रवृत्ति एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया जा रहा है। किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत निर्धारित 73 लाभार्थियों का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ण किया गया है। साथ ही महासमुंद, पिथौरा और बागबाहरा विकासखंडों में 2309 जाति प्रमाण पत्र बनाकर 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है।


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