कल रहेगा भारत बंद, बैंक, स्कूल, कॉलेज और बाजार में लगेंगे ताले?
डेस्क। कल यानी 12 फरवरी 2026 को 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने मिलकर भारत बंद और राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया है. यूनियनों का दावा है कि इस आंदोलन में लगभग 30 करोड़ मजदूर और किसान शामिल होंगे. इस देशव्यापी हड़ताल में बैंक यूनियन भी शामिल हैं. हड़ताल का असर अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग हो सकता है. यहां जानें कि कल आपके शहर में क्या खुला रहेगा और क्या बंद रह सकता है:
क्या बंद रह सकता है?
बैंक: SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा और IDBI जैसे सरकारी बैंकों के कर्मचारियों ने हड़ताल का समर्थन किया है. बैंक शाखाएं खुली रहेंगी, लेकिन स्टाफ की कमी से नकद लेनदेन, चेक क्लीयरेंस और अन्य काउंटर सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं.
सार्वजनिक परिवहन: कई राज्यों में रोडवेज बसें और ट्रक यूनियनों ने चक्का जाम का समर्थन किया है. विशेष रूप से ओडिशा, केरल और असम में परिवहन सेवाएं ठप रहने की संभावना है.
बाजार और दुकानें: कुछ इलाकों में स्थानीय व्यापारी संगठनों ने बंद को समर्थन दिया है, जिससे वहां की मुख्य दुकानें बंद रह सकती हैं.
सरकारी दफ्तर: सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs) और कुछ सरकारी विभागों में कामकाज धीमा रह सकता है.
स्कूल और कॉलेज का क्या होगा?
आधिकारिक आदेश: अभी तक देशभर में स्कूल बंद करने का कोई केंद्रीय आदेश नहीं है.
राज्यवार स्थिति: केरल, कर्नाटक और ओडिशा जैसे राज्यों में, जहां बंद का असर ज्यादा होता है, वहां स्थानीय प्रशासन एहतियातन स्कूल-कॉलेज बंद रख सकता है.
बोर्ड परीक्षाएं: क्योंकि बोर्ड परीक्षाओं का समय है, इसलिए ज्यादातर स्कूल खुले रहेंगे, लेकिन छात्रों को परिवहन की कमी के कारण सेंटर पहुंचने में दिक्कत हो सकती है.
सलाह: सुबह निकलने से पहले स्कूल के मैसेज चेक करें या स्कूल को फोन जरूर कर लें.
क्या खुला रहेगा?
इमरजेंसी सेवाएं: अस्पताल, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल स्टोर पूरी तरह खुले रहेंगे.
ऑनलाइन सेवाएं: नेट बैंकिंग, UPI, मोबाइल ऐप और एटीएम (ATM) सेवाएं सामान्य रूप से काम करेंगी.
हवाई अड्डे: एयरपोर्ट पर उड़ानें जारी रहेंगी, लेकिन सड़कों पर जाम की वजह से आपको एयरपोर्ट पहुंचने में देरी हो सकती है, इसलिए एक्स्ट्रा समय लेकर निकलें.
हड़ताल क्यों हो रही है?
नए लेबर कोड: ट्रेड यूनियनों का मानना है कि नए लेबर कोड, जो 29 कानूनों की जगह लाए गए हैं, मजदूर विरोधी हैं.
ट्रेड डील: किसान संगठन भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौतों का विरोध कर रहे हैं.
अन्य मांगें: मनरेगा (MGNREGA) की बहाली, पुरानी पेंशन योजना (OPS) और निजीकरण पर रोक लगाना.