महासमुंद : स्वच्छता, मीटिंग, मिठाई खरीदने सहित कई कार्यों पर मालीडीह पंचायत ने इतना किया खर्च
महासमुंद जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत मालीडीह द्वारा विभिन्न विकास कार्यों के लिए 3 लाख 91 हजार 300 रुपये का भुगतान किया गया है, जिसमें ग्राम पंचायत बैठक, मिष्ठान खरीदी, स्वच्छता कार्य सहित कई कार्यो के लिए किया गया भुगतान शामिल है.
पंचायत द्वारा किया गया भुगतान इस प्रकार है –
30 अप्रैल 2025 को भुगतान
सड़क बत्ती संधारण कार्य के लिए ₹15000 रमेश कुमार साहू को भुगतान किया गया.
1 मई 2025 को भुगतान
पेयजल पंप के लिए ₹35000 भवन सिंह चौधरी को भुगतान किया गया.
पेयजल पंप के लिए ₹35000 भवन सिंह चौधरी को भुगतान किया गया.
पेयजल पंप के लिए ₹30000 भवन सिंह चौधरी को भुगतान किया गया.
सीएम प्रोग्राम के लिए ₹8000 रवि कुमार निषाद को भुगतान किया गया.
स्वच्छता कार्यक्रम के लिए ₹12000 उमेंद्र कुमार दीवान को भुगतान किया गया.
राष्ट्रीय पर्व के लिए ₹25000 उदयराम साहू को भुगतान किया गया.
पेयजल के लिए ₹20000 भानु प्रसाद पटेल को भुगतान किया गया.
राष्ट्रीय पर्व के लिए 20500 रूपये भानु प्रसाद पटेल को भुगतान किया गया.
शपथ ग्रहण के लिए ₹30000 गोविंद पटेल को भुगतान किया गया.
स्टेशनरी के लिए ₹10000 रवि कुमार निषाद को भुगतान किया गया.
12 मई 2025 को भुगतान
पंचायत व्यवस्था के लिए ₹30000 मुकेश को भुगतान किया गया.
4700 रूपये महामाया ट्रेडर्स को भुगतान किया गया.
19 अगस्त 2025 को भुगतान
GSTIN के लिए 2500 रुपए नवमीत सलूजा को भुगतान किया गया.
अन्य कार्यों के लिए 43हजार रुपए देव सिंह कलार को भुगतान किया गया.
14 अक्टूबर 2025 को भुगतान
पेयजल व्यवस्था के लिए ₹8000 भानु प्रसाद पटेल को भुगतान किया गया.
मिठाई खरीदी के लिए ₹5000 भानु प्रसाद पटेल को भुगतान किया गया.
स्वच्छता कार्य के लिए ₹20000 मुकेश को दिया गया.
पेयजल रिपेयरिंग कार्य के लिए ₹10000 गोविंद पटेल को भुगतान किया गया.
पेयजल सामग्री खरीदी के लिए ₹15000 देव सिंह कलार को भुगतान किया गया.
स्टेशनरी खरीदी के लिए ₹10000 रवि कुमार निषाद को भुगतान किया गया.
ग्राम पंचायत बैठक के लिए ₹4000 भानु प्रसाद पटेल को भुगतान किया गया.
15 अक्टूबर 2025 को भुगतान
पेयजल व्यवस्था के लिए ₹3000 डीगेश कुमार को भुगतान किया गया.
4550 रुपए कृष्णा कंप्यूटर को भुगतान किया गया.
3050 रुपए कृष्णा कंप्यूटर को भुगतान किया गया.
इस खबर का उद्देश्य केवल ग्रामीणों को जागरूक करना है. यदि आपको लगता है कि आपके गांव में खर्च की गई राशि के अनुसार विकास कार्य नहीं हुआ है तो आप इसकी शिकायत जनपद सीईओ या जिला पंचायत सीईओ से कर सकते हैं, जिसकी शिकायत कॉपी भी आप हमें समाचार प्रकाशित करने के लिए भेज सकते हैं.