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विराट कोहली सबसे तेज 11 हजार रन बनाने वाले कप्तान बने, जानिए किसे छोड़ा पीछे

विराट कोहली ने शुक्रवार को श्रीलंका के खिलाफ कप्तान के रूप में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज 11,000 रन पूरे करने का नया रिकार्ड बनाया. विराट कोहली को यह उपलब्धि हासिल करने के लिए केवल एक रन की दरकार थी. उन्होंने लक्षण संदाकन की गेंद पर एक रन लेकर यह उपलब्धि हासिल की. विराट कोहली इस तरह से इस मुकाम पर पहुंचने वाले दुनिया के छठे और भारत के दूसरे कप्तान बने. उनसे पहले भारत से महेंद्र सिंह धोनी ने यह उपलब्धि हासिल की थी. इस मुकाम पर सबसे कम पारियों में पहुंचने के मामले में विराट कोहली के बाद रिकी पोंटिंग, ग्रीम स्मिथ, महेंद्र सिंह धोनी, एलन बोर्डर और स्टीफन फ्लेमिंग का नंबर आता है.                                                              

भारतीय टीम ने तीसरे टी-20 मुकाबले में श्रीलंका को 78 रनों से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप हासिल कर ली. भारत ने दूसरा मैच सात विकेट से जीता था जबकि पहला मैच बारिश के कारण रद रहा था. टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने छह विकेट पर 201 रन का विशाल स्कोर बनाया और फिर श्रीलंका को 15.5 ओवरों में 123 रन पर ढेर कर दिया. भारत की श्रीलंका के खिलाफ 19 टी-20 मैचों में यह 13वीं जीत है. भारत से मिले 202 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही टीम ने 26 रन के अंदर ही अपने शीर्ष चार बल्लेबाजों को खो दिया. इन बल्लेबाजों में दानुष्का गुणातिल्का (1), अविष्का फर्नांडो (9), कुसल परेरा (7) और ओशाडा फर्नांडो (2) के विकेट शामिल हैं.

इसके बाद अगस्त 2018 के बाद से श्रीलंका के लिए अपना पहला टी-20 मैच खेल रहे अनुभवी बल्लेबाज एंजेलो मैथ्यूज (31) और धनंजय डी सिल्वा (57) ने पांचवें विकेट लिए 68 रनों की साझेदारी करके श्रीलंका को संकट से बाहर निकालने की कोशिश की. लेकिन तभी वाशिंगटन सुंदर ने मैथ्यूज को आउट करके श्रीलंका को हार की ओर धकेल दिया. मैथ्यूज ने 20 गेंदों पर एक चौका और तीन छक्के लगाए. मैथ्यूज का विकेट 94 के स्कोर पर गिरा. उनके आउट होने के बाद पूरी श्रीलंकाई टीम 15.5 ओवरों में 123 रनों पर ढेर हो गई. धनंजय ने 36 गेंदों पर आठ चौके और एक छक्का लगाया. मैथ्यूज और डी सिल्वा ही श्रीलंका के लिए दोहरे अंकों में पहुंच पाए. दासुन शनाका ने नौ, वानिंदु हसरंगा ने शून्य, लक्षण संदाकन ने एक, कप्तान लसिथ मलिंगा ने शून्य और लाहिरु कुमारा ने नाबाद एक रन बनाए. भारत की ओर से नवदीप सैनी ने तीन और शार्दुल ठाकुर तथा वाशिंगटन सुंदर ने दो-दो जबकि जसप्रीत बुमराह ने एक विकेट हासिल किया. इससे पहले, भारतीय क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के सामने 202 रनों का लक्ष्य रखा। भारतीय टीम ने लोकेश राहुल (54) और शिखर धवन (52) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 97 रनों की साझेदारी के बाद अंतिम समय में मनीष पांडेय (नाबाद 31) और शार्दूल ठाकुर (नाबाद 22) की तूफानी पारियों की बदौलत निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 201 रन बनाए. भारत का पहला विकेट धवन के रूप में 97 रनों पर गिरा. धवन ने 36 गेंदों का सामना कर सात चौके और एक छक्का लगाया

इसके बाद कप्तान ने पहली बार इस सीरीज में अंतिम एकादश में शामिल किए गए संजू सैमसन को बल्लेबाजी के लिए भेजा. सैमसन ने आते ही छक्के के साथ उद्घाटन किया लेकिन दो गेंदों का सामना करने के बाद वह छह रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद राहुल का विकेट गिरा. राहुल ने 36 गेदों का सामना कर पांच चौके और एक छक्का लगाया. राहुल का विकेट 118 के कुल योग पर गिरा. इसके बाद आए श्रेयस अय्यर भी अधिक देर विकेट पर नहीं टिक सके और दो गेंदों का सामना कर एक चौका लगाने के बाद 122 के कुल योग पर आउट हुए. धवन, राहुल और अय्यर के विकेट लक्षन संदाकन ने लिए जबकि सैमसन को वानिंदू हासारांगा ने आउट किया.

कप्तान विराट कोहली (26) ने मनीष पांडेय के साथ मिलकर स्कोर को 150 के पार पहुंचाया लेकिन 164 के कुल योग पर कोहली रन आउट हो गए. कोहली ने 17 गेंदों का सामना कर दो चौके और एक छक्का लगाया. उनका विकेट 18वें ओवर की तीसरी गेंद पर गिरा और अगली ही गेंद पर वॉशिंगटन सुंदर (0) भी चलते बने. इसके बाद पांडेय और शार्दूल ने टीम को कोई और नुकसान नहीं होने दिया. इन दोनों ने 14 गेंदों पर 37 रन जोड़े. पांडेय 18 गेंदों का सामना कर चार चौके लगाकर नाबाद लौटे जबकि शार्दूल ने आठ गेंदों की तूफानी पारी में एक चौका और दो छक्के लगाए. श्रीलंका की ओर से संदाकन और वानिंदू के अलावा लाहिरू कुमारा को एक सफलता मिली.