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राज्य स्तरीय गुरु घासीदास लोककला महोत्सव : धमधा प्रथम, बागबाहरा द्वितीय और बिलासपुर तृतीय स्थान प्राप्त

राज्य स्तरीय गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव में पंथी नृत्य स्पर्धा में दुर्ग जिले की न्यू सत्य निर्मल धारा धमधा की टीम प्रथम स्थान पर रही। द्वितीय स्थान पर महासमुंद जिले के सत्य अंजोर बागबाहरा की टीम ने प्राप्त किया और तृतीय स्थान पर सत संग्राम बिलासपुर की टीम रही। अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने सभी विजेता टीमों को सम्मानित किया। उन्होंने धमधा की टीम को एक लाख रुपये, बागबाहरा की टीम को 75 हजार रुपये, बिलासपुर की टीम को 50 हजार रुपये की राशि और तीनों विजेता दलों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया। प्रतियोगिता का आयोजन दुर्ग जिले के भिलाई-3 स्थित मंगल भवन में किया गया। डॉ. टेकाम ने इस दो दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ किया था।

मंत्री डॉ. टेकाम ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के सांस्कृतिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न आयोजन किए गए हैं। इसी कड़ी में राज्य स्तरीय गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव का आयोजन भी शामिल है। दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में राज्य भर के 23 दलों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि मांदर की थाप पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किए गए। इसमें बस्तर से लेकर सरगुजिया संस्कृति तक के रंग देखने को मिले। पंथी के सुंदर नृत्य ने सभी को उत्साहित किया। आयोजन से सांस्कृतिक प्रतिभाओं को तो बढ़ावा मिलने के साथ ही सभी के भीतर बसे छत्तीसगढ़ी संस्कृति के उत्साह की झलक भी देखने को मिली।

डॉ. टेकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार अनेक प्रकार से कार्य कर रही है। गुरु घासीदास ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया था। संदेश केवल छत्तीसगढ़ और भारत को नहीं, अपितु पूरे विश्व को सद्भाव से कार्य कर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का संदेश दिया है। इस नए छत्तीसगढ़ को बनाने के लिए सभी वर्गों द्वारा अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अपने उद्यम, खेलों, सांस्कृतिक प्रतिभा के प्रदर्शन के माध्यम से नए छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। साथ ही छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं को भी सहेजने की जिम्मेदारी है। इस प्रकार के आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ाने में बहुत ही कारगर साबित होंगे।

इस मौके पर कलेक्टर श्री अंकित आनंद ने भी संबोधित किया। समापन कार्यक्रम के अवसर पर पंथी नृत्य से जुड़े कलाकारों मिलाप दास बंजारे, अमृता बारले, पुराणिक लाल चेलक, राजेन्द्र मार्कण्डेय का सम्मान भी किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अजय यादव, अपर कलेक्टर श्री गजेंद्र ठाकुर सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।