महासमुंद : सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जिले में शुरू हुआ एचपीवी टीकाकरण अभियान
महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) से बचाव के लिए जिला महासमुंद में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ आज कलेक्टर विनय लंगेह की मौजूदगी में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया गया। इस अभियान के तहत जिले की 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 11 हजार किशोरी बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी।
राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अवसर पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण अभियान बालिकाओं को भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाने की दिशा में एक सार्थक पहल है। यह टीका सुरक्षित और प्रभावी है।
अभिभावकों से अपील है कि वे किसी भी भ्रम या अफवाह से दूर रहकर अपनी 14 से 15 वर्ष की बेटियों को यह टीका अवश्य लगवाएं, ताकि उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अरविन्द गुप्ता मौजूद थे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में टीकाकरण अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक तैयारी की गई है। अभियान के तहत जिले में लगभग 11 हज़ार से अधिक बालिकाओं को टीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि एचपीवी वैक्सीन बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए डब्ल्यूएचओ से प्रमाणित और सुरक्षित टीका है। टीकाकरण के लिए बालिकाओं की आयु का निर्धारण आधार कार्ड के आधार पर किया जाएगा तथा उन्हें 0.5 एमएल की सिंगल डोज दी जाएगी।
इस अवसर पर डॉ. घनश्याम साहू सहायक अस्पताल अधीक्षक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू धृतलहरे, श्री हरिशंकर साहू, जिला सलाहकार श्री अनुपम मिश्रा, सेक्टर सुपरवाइजर श्री दीपक तिवारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अभियान के दौरान टीकाकरण कार्य चिन्हित शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों की उपस्थिति में किया जाएगा। टीकाकरण के बाद बालिकाओं को 30 मिनट तक स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में रखा जाएगा तथा सामान्य स्थिति होने पर उन्हें टीकाकरण कार्ड प्रदान किया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार की गई है। विद्यालयों के माध्यम से बालिकाओं एवं उनके अभिभावकों को टीकाकरण के संबंध में जानकारी देकर उनकी सहमति भी प्राप्त की जाएगी।