news-details

सरायपाली : कसडोल प्राथमिक शाला में बच्चों के अधिगम स्तर को सुधारने विशेष पहल

पुस्तकालय, रीडिंग कार्नर, आकर्षक चित्र और खिलौनों से होती है कसडोल स्कूल में पढ़ाई

अब  बच्चों का ड्राप आउट दर शून्य

प्राथमिक स्कूल में बच्चों के अधिगम स्तर को सुधारने कई तरह के नवाचार किए गए हैं।इसके सुखद परिणाम भी सामने आए हैं। शासकीय प्राथमिक शाला कसडोल विकासखंड सरायपाली के शिक्षकों द्वारा एक ऐसे ही नवाचार और पहल से यहां के  शिक्षा स्तर में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सरायपाली  से 14 किलोमीटर दूर ग्रामीण परिवेशीय गांव कसडोल है ।यहां की 80% आबादी बुनकर का काम करती है ।हथकरघा से सूती साड़ी का निर्माण करते हैं, बच्चे भी उनके काम मे हाथ बटाते हैं।

गांव के मध्य में शासकीय प्राथमिक शाला भवन स्थित है । हर गांव की तरह यहां भी बच्चे खेल कूद में मग्न रहते थे। पढ़ाई उन्हें बोरिंग लगता था।इसलिए बच्चे पढ़ाई को प्राथमिकता नहीं देते थे स्वच्छता का स्तर न्यून था जिसके कारण कई बच्चे बीच मे ही शाला छोड़ देते थे।  

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन और सरायपाली बीआरसीसी सतीश स्वरूप पटेल के विशेष पहल से सभी शिक्षकों ने मिलकर रोचक नवाचार गतिविधियों से अध्यापन शुरू किया ।हर कक्षा में रीडिंग कॉर्नर बनवाएं गए और बच्चों को मनोरंजक और रुचिकर पुस्तकें वितरण किया गया ।जिससे बच्चे बड़ी रुचि के साथ पुस्तक पढ़ने लगे I बच्चों की रुचि बढ़ाने समुदाय को भी स्कूल से जोड़ा गया। कुछ माताओं को भी पुस्तक पढ़ने हेतु प्रेरित किया। जिससे गांव के लोग भी पुस्तक पढ़ने आने लगे। कई बार पुस्तक घर पर भी ले जाकर पढ़ने लगे। इस नवाचार और शिक्षकों के प्रयास से पढ़ाई के स्तर में सुधार दिखाई स्पष्ट परिलक्षित होने लगे।इस पुस्तकालय को मुस्कान पुस्तकालय का नाम दिया गया । इसका संचालन शासकीय प्राथमिक शाला कसडोल में नियमित रूप से किया जा रहा है।

मुस्कान पुस्तकालय के साथ ही साथ बच्चों को शाला के प्रति आकर्षित करने हेतु शाला भवन की दीवारों पर बहुत सुंदर प्रिंट रिच बनवाए गए। जिससे बच्चों की उपस्थिति में सुधार हुआ ।अब इस स्कूल में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या शून्य है।साथ ही साथ अब बच्चों में पढ़ने के प्रति रुचि बढ़ी है ।बच्चों के लिए एक खिलौना कॉर्नर का निर्माण किया गया है। इस खिलौने कार्नर में अलग-अलग तरह के खिलौने के साथ ही साथ पारंपरिक खिलौने को भी स्थान दिया गया है ।कक्षा पहली और दूसरी के बच्चों के लिए स्मार्ट क्लास रूम बनाया गया है और सभी पहली और दूसरी के बच्चों को गतिविधि के द्वारा पढ़ाया जा रहा है। आज यहां बच्चे हंसते खेलते पढ़ाई कर रहे हैं।पालक भी इस बदलाव से खुश हैं।




अन्य सम्बंधित खबरें