
सरायपाली : अवकाश नगदीकरण में लाखो रूपये का गड़बड़ी का आरोप, जांच दल गठित।
बीईओ कार्यालय सरायपाली में अधिकारी एवं कर्मचारी का मिलीभगत से अवकाश नगदीकरण का भुगतान में लाखो रूपये का अनियमितता किये है। जानबूझकर गड़बड़ी हुआ है। इस शिकायत की जांच हेतु संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर से चार सदस्यीय समिति गठित किया गया है। जांचकर्ता अधिकारियो ने 27 मार्च को जांच तिथि निर्धारित किया है।
मालूम हो कि आरटीआई कार्यकर्ता विनोद कुमार दास ने 04 दिसम्बर 2024 को अमिताभ जैन आइएएस मुख्य सचिव छ.ग. शासन, सिद्वार्थ कोमल परदेशी आइएएस छ.ग. स्कूल शिक्षा विभाग एवं राकेश पांडेय संभागीय संयुक्त संचालक को लिखित में शिकायत किया है।
संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय से 31 दिसम्बर 2024 को इस मामले की जांच के लिए अजीत सिंह जाट सहायक संचालक, रमेश कुमार देवांगन वरिष्ठ लेखा परीक्षक, प्राचार्य शासकीय उच्च. माध्यमिक धरसींवा, चन्दन निषाद सहायक ग्रेड 03 का दल बनाया है। शिकायतकर्ता ने इस प्रकरण में जांच नही होने पर पुनः शिकायत किया गया। इसके बाद तत्काल जांच तिथि तय किया गया।
आरोप है कि वर्ष 2018 से वर्तमान तक बीईओ कार्यालय सरायपाली में शिक्षको एवं एल.बी. संवर्ग के शिक्षको के मृत्यु व सेवानिवृत्त प्रकरण में अवकाश नगदीकरण राशि का भुगतान मनमानी तरीके से किया है। जो शासन के निर्धारित दिशा निर्देश के विपरीत है। छत्तीसगढ वित्तीय संहिता व छत्तीसगढ कोषालय संहिता का पालन नही किया है। इस वित्तीय अनियमितता में बीईओ व लिपिको की संलिप्तता होने का आशंका है।
संभागीय संयुक्त संचालक ने प्रकाश चन्द्र मांझी बीईओ को जांच मेें उपस्थित होने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त बीईओ के माध्यम से 27 मार्च को समस्त लेखापाल व लिपिको की उपस्थिति दस्तावेज सहित सुनिश्चित करवाने का निर्देश दिया है। उक्त अवधि में इस कार्यालय में सत्य नारायण शर्मा, गोविन्द दास, निरंजन कोसरिया, सूर्यकांत मिश्रा, रूपेश महापात्र पदस्थ होकर कार्यरत रहे है।