
महासमुंद : कलेक्टर लंगेह ने वाटरशेड रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत भूमि संसाधन विभाग द्वारा जल एवं भूमि संसाधनों के संरक्षण और सतत उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 5 फरवरी 2025 से “वाटरशेड रथ यात्रा“ का शुभारंभ किया गया है। इस यात्रा का उद्देश्य जलग्रहण क्षेत्रों का विकास, वर्षा जल संचयन, कृषि उत्पादकता में वृद्धि तथा कृषि वनीकरण के माध्यम से ग्रामीण जीवन को सशक्त बनाना है।
इसी कड़ी में आज 4 मार्च को यह रथ महासमुंद जिले पहुँचा, जहां कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने “वाटरशेड रथ’’ को कलेक्टोरेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह यात्रा ग्रामीण समुदायों में जल संरक्षण, प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन और भूमि की उर्वरता बढ़ाने के लिए जन-जागरूकता फैलाने का एक सशक्त माध्यम है। रथ के माध्यम से ग्रामीणों को ऑडियो-विज़ुअल तकनीकों से विभिन्न उपायों की जानकारी दी जा रही है। इस अवसर पर उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप और सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी श्री भीमराव घोडेसवार मौजूद थे।
इसके बाद ‘‘वाटरशेड रथ’’ ग्राम पंचायत पथरला, विकासखंड पिथौरा पहुँचा, जहाँ स्थानीय ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने इस अभियान का स्वागत उत्साहपूर्वक किया। इस अवसर पर रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों ने जल संरक्षण विषय पर रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ओमप्रकाश चौधरी पूर्व अध्यक्ष, भूमि विकास बैंक, टिकेलाल साव (सांसद प्रतिनिधि), जगमोती भोई (जिला पंचायत सदस्य), डोलेश्वरी नीरू प्रधान जनपद सदस्य, अभिमन्यु प्रधान, विमला बेहरा, परशुराम गणतिया, दीनदयाल भोई, श्री मनीराम निषाद एवं सुभाष बंजारा व जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण कर सम्मानित किया गया। ग्रामवासियों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा श्रमदान किया गया। रथ के माध्यम से जल संरक्षण पर आधारित वीडियो प्रसारण किया गया, जिसे ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने जागरूकता से देखा व जल संरक्षण हेतु शपथ दिलाई गई।
इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।