सप्ताह भर नहीं हुए छत्तीसगढ़ में एकसाथ 22 अधिकारीयों को निलंबित किया गया था, इसका प्रचार सरकार ने ऐसे किया जिसके बाद यह कहा जाने लगा कि भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की नीति 'जीरो टॉलरेंस' की है.
15 जुलाई को छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन था, जिसमें नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने रेडी-टू-इट का मुद्दा उठाया. लेकिन विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े इसमें किसी प्रकार की अनियमितता से इंकार करते हुए जांच के लिए तैयार नहीं हुई.