CG : छग हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोबारा शादी होने तक ससुर से भरण-पोषण की हकदार है विधवा बहू
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ कर दिया है कि पति की मृत्यु के बाद विधवा बहू, जब तक पुनर्विवाह नहीं कर लेती, तब तक वह अपने ससुर से भरण-पोषण की हकदार है। यह फैसला हिंदू दायित्व एवं भरण-पोषण अधिनियम 1956 की धारा 19 के तहत दिया गया है, जिसमें स्पष्ट प्रावधान है कि विधवा बहू अपने ससुर से गुज़ारे-भत्ते की मांग कर सकती है। इस मामले में फैमिली कोर्ट ने पहले ही ससुर को भरण-पोषण देने का आदेश दिया था, लेकिन ससुर ने उस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील की थी।
ससुर ने अपनी सीमित आय और पेंशन पर आश्रित होने का हवाला दिया, लेकिन हाईकोर्ट ने यह दलील खारिज कर दी और कहा कि विधवा बहू के लिए यह प्रावधान एक सुरक्षा कवच की तरह है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर
पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.
अन्य सम्बंधित खबरें