
छत्तीसगढ़ : भारी बारिश से कई गांवों का जिला मुख्यालयों से टूटा सड़क संपर्क
सीएम साय ने राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की
प्रदेश के बस्तर संभाग में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण इंद्रावती सहित कई नदी-नाले उफान पर हैं। वहीं, कई गांवों का जिला मुख्यालयों से सड़क संपर्क टूट गया है। बारिश के कारण सामान्य जनजीवन पर भी असर पड़ा है। सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं। राहत और आपदा प्रबंधन की टीम ने बाढ़ में फंसे दो हजार से अधिक लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया है।
दंतेवाड़ा जिले में भारी बारिश के चलते करीब दो सौ मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई गांवों की निचली बस्तियों में भी पानी भर गया है। बारिश के कारण दंतेवाड़ा से जगदलपुर के बीच रेलवे ट्रैक पर मिट्टी धसकने से दंतेवाड़ा-किरंदुल के बीच आवागमन बाधित हुआ है। रेलवे के कर्मचारी मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं।
जिले के धनिकरका गांव में आज नहाने के दौरान नाले में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। वहीं, बीजापुर जिले में भी बीते कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कलेक्टर संबित मिश्रा ने लोगों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की है। इस बीच, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले के कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार तक हरसंभव मदद उपलब्ध कराने को कहा।
साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को बाढ़ से हुई जनहानि और पशुहानि की राहत राशि बिना देर किए उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लें। वहीं, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में बाढ़ के हालात को देखते हुए प्रशासन द्वारा लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव का कार्य तेज गति से जारी है।