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महासमुंद पुलिस के द्वारा विभिन्न जागरूकता अभियान से बच्चों एवं आमजन को किया जा रहा जागरूक

जिले के विभिन्न विद्यालयों के बच्चों के बीच पहुंची पुलिस।

पुलिस ने बच्चों से कहा- नशे जैसी बुराईयों से बच्चे रहे दूर।

मोबाईल की लत भी मानसिक स्वास्थ्य के लिये हानिकारक, स्क्रीन टाईम मैनेजमेंट का करें पालन।

थाना साकरा से संत अन्ना स्कूल सांकरा में जागरूकता अभियान के तहत अपराध संबंधी रोकथाम साइबर अपराध महिला पर घटित अपराध नशा मुक्ति एवं यातायात नियमों का पालन संबंधी दी गई जानकारी

मददगार हेल्प लाईन नम्बर मानस-1933, साईबर हेल्प लाईन-1098, डायल-112 की भी बताई गयी उपयोगिता

आम लोगो को भी किया गया सचेत व जागरुक

महासमुंद की पुलिस जिले के विभिन्न विद्यालय एवम ग्रामीण अंचल मे लोगो के बीच जाकर पालक एवम मार्गदर्शक की भूमिका निभा रही है। बच्चे देश का भविष्य होते है, इनकी सुरक्षा व इन्हे सही दिशा प्रदान करने का दायित्व समाज का होता है। इसी दायित्व को निभाते हुए महासमुंद पुलिस के द्वारा जिले के विभिन्न स्कूलों के बच्चों के बीच जाकर उन्हे नशे जैसी बुराईयों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। नशा ना केवल स्वयं के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है बल्कि इसकी लत परिवार व समाज को भी नष्ट कर देता है। नशा बुराईयों का प्रथम सीढी है और एक दिन जब यह लत बन जाती है तो अपराध की राह पकड़ लेता है। चुंकि बच्चे समाज का आने वाला भविष्य है इसलिये बच्चों को इससे दूर व समझदार होना बेहद जरूरी है।

इसी प्रकार से मोबाईल की लत भी मानसिक स्वास्थ्य के लिये हानिकारक, इसलिये स्क्रीन टाईम मैनेजमेंट का नियम से पालन करें। मोबाईल की लत भी छोटे बड़े सभी बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिये नुकसान दायक है।बच्चों को स्क्रीन टाईम मैनेजमेंट का नियम से पालन करें। छात्र छात्राओं को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर चाइल्ड लाइन टोल फ्री नंबर 1098 में काल करने, अपने आसपास नशीले पदार्थो की बिक्री की सूचना मानस-1933 टोलफ्री नंबर पर कॉल कर देने व अंजान कॉल या व्यक्ति के फोन कॉल रिसिव नही करने व डॉयल 112 के बारे में भी बच्चों व लोगो को बताया जा रहा है।


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