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पीएम श्री सेजेस बसना में मातृ-पितृ दिवस भावनात्मक एवं संस्कारपूर्ण वातावरण में संपन्न

पीएम श्री सेजेस बसना के प्राथमिक विभाग में 14 फरवरी को मातृ-पितृ दिवस अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप मनाया गया। कार्यक्रम प्राचार्य सुश्री गिरिजा साहू के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। विद्यालय परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था तथा विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। पालकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने कार्यक्रम को पारिवारिक एवं भावनात्मक स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्वलन से की गई। स्वागत उद्बोधन में प्राचार्य महोदया ने कहा कि माता-पिता ही जीवन के प्रथम गुरु होते हैं। वे हमारे व्यक्तित्व, चरित्र एवं संस्कारों के निर्माता हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन माता-पिता का आशीर्वाद लेने तथा उनका सम्मान करने का संकल्प दिलाया।

नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने मातृ-पितृ भक्ति पर आधारित गीत, कविताएँ, लघुनाटिका एवं भाषण प्रस्तुत किए। कुछ बच्चों ने अपने माता-पिता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, जिससे वातावरण अत्यंत भावुक एवं प्रेरणादायी हो गया।

कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि माता-पिता का त्याग, परिश्रम और समर्पण ही उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव है। विद्यालय परिवार ने इस अवसर को संस्कार जागरण के रूप में मनाया।

कार्यक्रम में भगवान राम के आदर्श पुत्र धर्म का उल्लेख करते हुए बताया गया कि उन्होंने पिता की आज्ञा पालन हेतु राजसुख त्यागकर वनवास स्वीकार किया। श्रवण कुमार की कथा सुनाकर मातृ-पितृ सेवा की महिमा समझाई गई।

देव ऋण एवं पितृ ऋण की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया गया कि मनुष्य अपने जीवन में तीन प्रमुख ऋणों—देव ऋण, ऋषि ऋण एवं पितृ ऋण—का अधिकारी होता है। माता-पिता का ऋण सेवा, सम्मान एवं सदाचारपूर्ण जीवन जीकर ही चुकाया जा सकता है।

पूर्व प्राचार्य के. के. पुरोहित ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए आदर्श पारिवारिक मूल्यों, कर्तव्यनिष्ठा एवं अनुशासन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में नैतिक मूल्यों के संरक्षण हेतु ऐसे आयोजनों की अत्यंत आवश्यकता है। परिवार ही समाज की आधारशिला है, और यदि परिवार सुदृढ़ होगा तो राष्ट्र स्वतः सशक्त बनेगा।

कार्यक्रम में यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि समाज में नैतिक मूल्यों का विकास, स्वच्छ वातावरण की स्थापना तथा अनुशासित जीवनशैली के लिए माता-पिता एवं बुजुर्गों का सम्मान अनिवार्य है। विद्यार्थियों को घर, विद्यालय एवं समाज में स्वच्छता, अनुशासन और संस्कारों का पालन करने की प्रेरणा दी गई।

इस सफल आयोजन में प्रधान पाठक एच. आर. साव, अर्पणा सोना, गिरजा वैष्णव, कमला पटेल, सुनील पटेल, मुकेश साहू, योगेश बढ़ाई, नवीन साव एवं श्रुति सामल सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी बनाया।

कार्यक्रम के अंत में प्रधान पाठक एच. आर. साव द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। उन्होंने उपस्थित पालकों, अतिथियों एवं समस्त शिक्षकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में संस्कार, कर्तव्यबोध एवं पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होते हैं।

इस प्रकार पीएम श्री सेजेस बसना में आयोजित मातृ-पितृ दिवस न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह विद्यार्थियों के लिए जीवन मूल्यों, कर्तव्यनिष्ठा एवं पारिवारिक सम्मान का सशक्त संदेश देने वाला प्रेरणादायी आयोजन सिद्ध हुआ।


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