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लॉक डाउन में भी चल रहा लघु वनोपजों का संग्रहण, अब तक 11 लाख रुपये के 605 क्विन्टल वनोपजों की खरीदी

बलौदाबाजार, 8 अप्रैल 2020/ लॉक डाउन में प्रतिबन्ध से छूट मिलने के बाद लघु वनोपजों के संग्रहण का कार्य जिले में तेज़ी से चल रहा है। स्थानीय स्व-सहायता समूहों द्वारा संग्राहकों से उनके घर-घर जाकर सरकारी दर पर वनोपजों की खरीदी की जा रही है। डीएफओ के अनुसार 6 अप्रैल तक 605 क्विन्टल 8 विभिन्न प्रकार के वनोपज़ो का संग्रहण किया जा चुका है। जिनका सरकारी दर पर खरीदी मूल्य 11 लाख 14 हज़ार रुपये के लगभग है। फिलहाल जंगलों से जिले में बहेड़ा फल, हर्रा फल,धवई फुल, कालमेघ पंचांग, नागरमोथा जड़, चरोटा बीज, बहेड़ा काचरिया और माहुल पत्ता का संग्रहण कार्य जारी है। 

वनोपज संग्रहण में प्रतिबन्ध हटने पर संग्राहकों में हर्ष व्याप्त है। वनवासियों और ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आमदनी का यह बढ़िया जरिया बना हुआ है। जिले के कसडोल-बिलाईगढ़ क्षेत्र के हज़ारों वनवासियों को इससे रोज़गार मिला है। जिले की जंगलों से सबसे ज्यादा 218 क्विन्टल आवक बहेड़ा फल की हुई है। इसके बाद चरोटा बीज 195 क्विन्टल, कालमेघ 54 क्विन्टल, नागरमोथा 50 क्विन्टल, माहुल पत्ता 54 क्विन्टल, बहेड़ा कचरिया 16 क्विन्टल, हर्रा फल 11 क्विन्टल तथा धवेई फूल 8 क्विन्टल शामिल है। डीएफओ श्री आलोक तिवारी ने बताया कि पूरे सीज़न तक समूहों के द्वारा इन वनोपजों की खरीदी जारी रहेगी। खरीदी एवं संग्रहण में कोविड से बचाव के नियम-कायदों का बाकायदा पालन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बहेड़ा फल 1700 रुपये प्रति क्विन्टल, हर्रा फल 1500 रुपये प्रति क्विन्टल, धवेई फुल 3200 रुपये प्रति क्विन्टल, कालमेघ 3300 रुपये प्रति क्विन्टल, नागरमोथा 2700 रुपये प्रति क्विन्टल, चरोटा बीज 1400 रुपये प्रति क्विन्टल, बहेड़ा काचरिया 2200 रुपये प्रति क्विन्टल तथा माहुल पत्ता 1500 रुपये सरकारी घोषित दर पर खरीदा जा रहा है।


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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