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23 वर्षीय युवक की मनरेगा कार्य करने के दौरान हुई मौत, पोस्टमार्टम के लिए एम्बुलेंस नही मिलने से ट्रैक्टर पर ले जाना पड़ा शव

जशपुर जिले के बगीचा विकाशखण्ड के स्वास्थ्य विभाग की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है जहां एक 23 वर्षीय युवक की मनरेगा कार्य करने के दौरान सिर में गंभीर चोटें लगने से मौत हो गयी थी वहीं बगीचा स्वास्थ्य विभाग की विडंबना जानिये पोस्टमार्टम के लिए न डॉक्टर न एम्बुलेंस मिली अंततः अत्यंत ग्रामीण क्षेत्र के लोग मृतक युवक के परिजनों को ट्रैक्टर में शव के पोस्टमार्टम के लिए बगीचा ले जाना पड़ा ।

बता दें कि जशपुर जिले के बगीचा विकाशखण्ड के ग्राम पंचायत भड़िया निवासी मृतक विनोद यादव पिता सहदेव यादव (23) वर्ष 11 जून को मनरेगा के तहत बन रहे कुवां निर्माण कार्य मे काम करने गया था वहीं काम करने के दौरान कुआँ के अंदर ऊपर से लकड़ी गिरने से उसके सिर पर गम्भीर चोट आयी थी वहीं युवक के परिजनों ने बताया कि हम आनन फानन में अम्बिकापुर होलीक्रॉस अस्पताल ले कर गए वहीं डॉक्टरों ने उसे रायपुर के निजी अस्पताल में रेफर कर दिया जहां वहां से इलाज कराने के बात हम वापस घर आ रहे थे जहां रायपुर से करीब 100 किलोमीटर आगे आने के बाद रास्ते में उसकी मौत हो गई जिसे हम लोगों ने घर ले आया वही बगीचा अस्पताल संपर्क करने पर बोला गया कि डॉक्टर नहीं जा पायेगी पोस्टमार्टम करने हम गाड़ी भेज रहे हैं लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद गाड़ी नहीं आई तो दोबारा से मृतक के परिजनों ने बगीचा स्वास्थ्य केंद्र संपर्क किया तो उनके द्वारा कहा गया कि गाड़ी नहीं जा पाएगी अगर कोई व्यवस्था है तो बगीचा लेकर के आइए अंततः मृतक परिजनों ने शव को ट्रैक्टर से बगीचा ले गये तब जाकर पोस्टमार्टम हो सकी इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बगीचा स्वास्थ्य विभाग कितने लापरवाह और वहां के डॉक्टर भी कितने लापरवाह हैं वही इस संबंध में हमने बगीचा बीएमओ डॉक्टर दुबे से बात कर लिया तो उन्होंने कहा कि शव को यहां लाने पर विलंब नहीं किया जाएगा तत्काल पोस्टमार्टम करा देंगे । वही एक और नेता और जनप्रतिनिधि विकास की बात व सत्ता का डंका बजाते चलते हैं लेकिन जिले के अत्यंत दूरस्थ अंचल ग्राम पंचायत भड़िया में न रास्ते ठीक हैं नाही अस्पताल नाही डॉक्टर ऐसे में कैसे करे विश्वास और क्या उम्मीद??