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रिश्वत में बकरा और मुर्गा नहीं दिया तो वन विभाग के कर्मचारियों ने उजाड़ा घर

बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लॉक से 20 किलोमीटर दूर बैकुंठपुर गांव का बताया जा रहा है. पंडो जनजाति के लोगों के मुताबिक 20 साल पहले वे वन जमीन पर काबिज हुए और खेती कर जीविकोपार्जन कर रहे हैं. काबिज करने से लेकर अब तक उनसे वन विभाग के कर्मचारी 10 बकरा और 15 से मुर्गा रिश्वत के रूप में ले चुके हैं. इस बार भी बकरा मांगा, नहीं देने पर मकान तोड़ दिया.

पंडो जनजाति के अध्यक्ष उदय पंडो ने वहां मीडिया से बातचीत में कहा है कि पंडो जनजाति के पास रिश्वत देने पैसा नहीं होते है, इसलिए वन विभाग के लोग उनसे बकरा-मुर्गा लेते हैं. इस बार मांग पूरी नहीं करने पर घर तोड़वा दिया है. इस पर पट्टा दिलाने और तोड़े गए मकानों को बनवाने और मकान तोड़ने व मारपीट करने वालों पर केस दर्ज करने मांग उन्होंने की है.


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