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जग्गी हत्याकांड: कोर्ट में 2 आरोपियों ने किया सरेंडर, ढेबर समेत पांच दोषियों को मिली राहत..

रायपुर। जग्गी मर्डर केस के दो दोषियों ने सोमवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले में शूटर चिमन सिंह और विनोद सिंह राठौर शामिल है। दोनों दोषियों ने रायपुर में विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की कोर्ट में आत्मसर्मपण किया।इसी मामले के पांच दोषियों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए सरेंडर के लिए तीन हफ्ते का अतिरिक्त समय दिया है।


बता दें कि जग्गी हत्याकांड मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 4 अप्रैल को 27 दोषियों की अपील खारिज कर दी थी और उनकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। इसके बाद दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने इस हत्याकांड के पांच दोषियों को सरेंडर के लिए 3 सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है। इनमें क्राइम ब्रांच के प्रभारी रहे आरसी त्रिवेदी, तत्कालीन मौदहापारा थाना प्रभारी वीके पांडे, CSP कोतवाली अमरीक सिंह गिल, सूर्यकांत तिवारी सहित मेयर एजाज ढेबर के भाई याहया ढेबर शामिल है।

4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे। जिनमें से दो बुलटू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। 29 आरोपितों पर केस चला। इस मामले के मुख्य आरोपित पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को छोड़कर शेष 27 आरोपितों को सजा हुई थी। इनमें तीन पुलिस अधिकारी भी शामिल थे।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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