ग्रामीण अंचलों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के होनहार बच्चों के सपनों को उड़ान देने के लिए जिला प्रशासन ने एक बेहद संवेदनशील और सराहनीय कदम उठाया है।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10ः00 बजे आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला महासमुंद अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, भोरिंग में शिक्षण सत्र 2026-27 के लिए शासन द्वारा निर्धारित मानदेय पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अस्थायी रूप से अतिथि शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
आदिवासी विकास विभाग की विशेष केंद्रीय सहायता उपयोजना अंतर्गत विकासखंड बागबाहरा के माडा ग्राम जोरातराई की अनुसूचित जनजाति की महिला हितग्राहियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विशेष पहल की जा रही है।
जिले में भू-जल स्तर बढ़ाने और वर्षा जल के अधिकतम संरक्षण के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा 'मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0' एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी समन्वय से व्यापक स्तर पर जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य किए गए हैं।
राज्य शासन की मंशानुरूप जिले में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा कृषक चौपाल का आयोजन कर किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने जागरूक और प्रेरित किया जा रहा है।