महासमुंद : जिले में श्रम कानूनों के पालन हेतु संयुक्त टीम द्वारा सोलर पॉवर प्लांट और चिमनी भट्ठा का निरीक्षण
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी विनय कुमार लंगेह के निर्देश के परिपालन में जिले में श्रम कानूनों के अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण कार्रवाई की गई। इसी क्रम में मेसर्स गोदावरी पॉवर एण्ड इस्पात लिमिटेड द्वारा ग्राम जंगलबेड़ा में निर्माणाधीन सोलर पावर प्लांट का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल में श्रम पदाधिकारी डी.एन. पात्र, निरीक्षक विधिक माप विज्ञान सिद्धार्थ दुबे एवं श्रम उप निरीक्षक बेलारसन बघेल उपस्थित रहे।
विधिक माप विज्ञान विभाग की जांच में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई। वहीं श्रम विभाग के निरीक्षण में पाया गया कि सोलर पैनल फिटिंग का कार्य ठेकेदार केएसएल क्लिनटेक लिमिटेड द्वारा कराया जा रहा है। इस दौरान संविदा श्रमिक अधिनियम 1970, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936 एवं भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 के अंतर्गत जांच की गई।
जांच में यह पाया गया कि ठेकेदार द्वारा संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अंतर्गत 200 श्रमिकों हेतु अनुज्ञप्ति ली गई है, किंतु भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 के अंतर्गत अनुज्ञप्ति प्राप्त नहीं की गई है। इस पर ठेकेदार को निर्देशित किया गया कि एक सप्ताह के भीतर उक्त अधिनियम के अंतर्गत अनुज्ञप्ति प्राप्त करना सुनिश्चित करें। साथ ही निरीक्षण में ओवरटाइम एवं वेतन कटौती से संबंधित पंजी संधारित नहीं पाया गया।
इसी प्रकार सरायपाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम केन्दूढार स्थित लक्ष्मी ब्रिक्स (चिमनी भट्ठा) का भी निरीक्षण किया गया। यहां श्रम विभाग द्वारा बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 एवं वेतन भुगतान अधिनियम 1936 के अंतर्गत जांच की गई। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार का बाल श्रमिक नहीं पाया गया। सूचना प्रदर्शन नहीं पाए जाने पर संबंधित को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। विधिक माप विज्ञान विभाग के निरीक्षण में यहां कोई माप उपकरण भी प्राप्त नहीं हुआ। जिला प्रशासन द्वारा श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा एवं श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु इस प्रकार की निरीक्षण कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।