डॉ. अनुसुइया अग्रवाल डी.लिट्. की शोधार्थी नम्रता धु्रव को मिली पी.एचडी. की उपाधि
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के साहित्य एवं भाषा अध्ययन शाला में नम्रता ध्रुव को हिंदी विषय में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई की है उन्होंने अपना शोध प्रबंध प्रो. (डॉ.) अनुसुइया अग्रवाल डी.लिट प्राचार्य स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय महासमुंद छ.ग. के निर्देशन में पूरा किया है उनका शोध विषय ‘कृष्णा सोबती के उपन्यासों का मनोवैज्ञानिक अध्ययन‘ रहा है कोई भी साहित्य मनोविज्ञान से अछूता नहीं होता है हिंदी साहित्य के मनोविज्ञान दृष्टिकोण को अपनाकर गहन शोध कार्य करने की आवश्यक है डॉ. नम्रता ने अपने शोध के माध्यम से हिंदी साहित्य में मनोवैज्ञानिक पक्ष को उजागर किया है निश्चित ही यह शोध प्रबंध मनोविज्ञान विषय में रुचि रखने वाले शोधार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगा। शोध मौखिकी परीक्षा के बाह्य परीक्षक डॉ. मुन्ना तिवारी विभागाध्यक्ष हिंदी बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी उत्तर प्रदेश रहे।
इस अवसर पर प्रो. डॉ. मधुलता बारा अध्यक्ष साहित्य एवं भाषा अध्ययनशाला एवं डॉ. गिरजा शंकर गौतम अध्यापक पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर तथा विभिन्न महाविद्यालय से आये प्राध्यापक डॉ. प्रीतालाल डॉ. तनुजा बघेल, डॉ. भूपेंद्र वर्मा नवीन शासकीय महाविद्यालय अमलीडीह रायपुर, डॉ. भारती मंडावी सिलौरी महाविद्यालय धमतरी एवं परिवार के सदस्य माता रुपई ध्रुव बहनोइ, सुमंत्रा मरकाम, उत्तर धु्रव, अनुपमा धु्रव, बेटा आयुष धु्रव, बहनोई हेमंत धु्रव एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं शोधार्थियों की उपस्थिति रही। इस उपलब्धि पर शोध केंद्र की अध्यक्ष एवं प्राचार्य प्रो. करुणा दुबे, डॉ. दुर्गावती भारती विभागाध्यक्ष हिंदी, डॉ. मालती तिवारी शोध संवर्धन समिति की अध्यक्ष, शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय महासमुंद (छ.ग.) में हर्ष जताया।