गर्भवती महिलाओं को इस योजना के तहत मिल रही सहायता रही, पहले बच्चे के जन्म पर 5 हजार, द्वितीय संतान बालिका होने पर 6 हजार
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं धात्री माताओं को मातृत्व लाभ प्रदान किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य गर्भावस्था एवं शिशु जन्म के दौरान माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य व पोषण स्तर में सुधार करना तथा इस अवधि में कार्य न कर पाने से होने वाले आर्थिक नुकसान की आंशिक क्षतिपूर्ति करना है। योजना प्रदेश के सभी जिलों में प्रभावशील रूप से लागू है।
योजना के तहत पात्र हितग्राही महिला को पहले बच्चे के जन्म पर 5 हजार की सहायता राशि दो किस्तों में दी जाती है, जिसमें प्रथम किस्त 3 हजार तथा द्वितीय किस्त 2 हजार है। वहीं द्वितीय संतान बालिका होने पर 6 हजार की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान की जाती है।
योजनांतर्गत पात्रता
योजना का लाभ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग, बीपीएल राशन कार्डधारी, आयुष्मान भारत की महिला लाभार्थी, ई-श्रम कार्डधारी, किसान सम्मान निधि की महिला लाभार्थी, मनरेगा जॉब कार्डधारी, 2.50 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाली महिलाएं, गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं मितानिन को दिया जाएगा। नियमित सरकारी या सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
आवेदन, भुगतान एवं शर्ते
योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राही का आंगनबाड़ी केन्द्र में पंजीकरण अनिवार्य है। आवेदन अंतिम एल.एम.पी. तिथि से 570 दिवस के भीतर किया जा सकता है। सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन आंगनबाड़ी केन्द्र में जमा किया जाएगा, जिसकी ऑनलाइन प्रविष्टि विभागीय सॉफ्टवेयर में की जाएगी। योजना की राशि डीबीटी माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में हस्तांतरित की जाएगी, जिसके लिए खाते का आधार से लिंक होना आवश्यक है। प्रथम किस्त के लिए प्रसवपूर्व जांच तथा द्वितीय किस्त एवं द्वितीय संतान बालिका के लाभ हेतु बच्चे का जन्म पंजीकरण एवं आवश्यक टीकाकरण अनिवार्य है। विभाग ने पात्र गर्भवती एवं धात्री माताओं से अपील की है कि वे समय रहते आंगनबाड़ी केन्द्र में संपर्क कर योजना का लाभ उठाएं और मातृत्व सुरक्षा सुनिश्चित करें।