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पहले साल की शानदार सफलता के बाद, क्राफ्टन इंडिया भारत के ईस्पोर्ट्स क्रिएटर पाइपलाइन को मजबूत करने के उद्देश्य से फिर लेकर आया 'राइजिंग स्टार प्रोग्राम 2026'

* इस प्रोग्राम के तहत नए राइजिंग स्टार्स को दो श्रेणियों 'एलीट राइजिंग स्टार्स और बैकअप राइजिंग स्टार्स' में शामिल किया जाएगा

* क्राफ्टन इंडिया ईस्पोर्ट्स हर साल राइजिंग स्टार्स के लिए कई विशेष टूर्नामेंट आयोजित करेगा

नई दिल्ली, जनवरी 2026 – ज़मीनी स्तर पर मजबूत प्रभाव और प्रेरणादायक विकास कहानियों से भरे एक सफल साल के बाद, क्राफ्टन इंडिया ने आज क्राफ्टन इंडिया ईस्पोर्ट्स राइजिंग स्टार्स प्रोग्राम 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू करने की घोषणा की है। यह पहल देशभर में नए और उभरते ईस्पोर्ट्स टैलेंट को आगे बढ़ाने के लिए कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस प्रोग्राम के दूसरे बैच के लिए रजिस्ट्रेशन 20 जनवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 तक खुले रहेंगे। चुने गए राइजिंग स्टार्स के नाम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीजीआईएस 2026 के दौरान क्राफ्टन इंडिया के आधिकारिक सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से घोषित किए जाएंगे, और उन्हें साल के आखिर में ऑनबोर्ड किया जाएगा।

राइजिंग स्टार्स प्रोग्राम 2026 एक विस्तारित और अधिक सुव्यवस्थित ढांचे के साथ पेश किया गया है, जिसका उद्देश्य लंबे समय तक एक मजबूत ईस्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार करना है। इस प्रोग्राम के तहत नए राइजिंग स्टार्स को दो श्रेणियों 'एलीट राइजिंग स्टार्स और बैकअप राइजिंग स्टार्स' में शामिल किया जाएगा।

एलीट राइजिंग स्टार्स को इकोसिस्टम से जुड़ा सहयोग दिया जाएगा, जिसमें स्ट्रीमिंग डिवाइस सपोर्ट, रूम कार्ड्स, साथ ही बेहतर परफॉर्मेंस, विज़िबिलिटी और अन्य इकोसिस्टम लाभ शामिल होंगे। वहीं बैकअप राइजिंग स्टार्स को रूम कार्ड सपोर्ट मिलेगा और वे इस प्रोग्राम के तहत एक रेडी टैलेंट पूल के रूप में काम करेंगे। प्रोग्राम की गुणवत्ता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए परफॉर्मेंस बेंचमार्क्स तय किए जाएंगे। ज़रूरत पड़ने पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले बैकअप राइजिंग स्टार्स को एलीट ग्रुप में प्रमोट करने की व्यवस्था भी होगी। इसके अलावा, क्राफ्टन इंडिया ईस्पोर्ट्स हर साल राइजिंग स्टार्स के लिए कई विशेष टूर्नामेंट आयोजित करने की योजना बना रहा है। इन टूर्नामेंट्स के जरिए राइजिंग स्टार्स अपनी टीमों के साथ प्राइज़ पूल के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे और उन्हें स्ट्रक्चर्ड टूर्नामेंट एक्सपोज़र मिलेगा।

इस पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए क्राफ्टन इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर–ईस्पोर्ट्स, करण पाठक ने कहा, "जैसे-जैसे भारत का ईस्पोर्ट्स इकोसिस्टम आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे क्रिएटर्स को सिर्फ थोड़े समय की पहचान से कहीं अधिक, निरंतर सहयोग, प्रतियोगिता से जुड़ाव और आगे बढ़ने के साफ मौके चाहिए। राइजिंग स्टार 2026 के ज़रिए हमने एक ज़्यादा व्यवस्थित और प्रदर्शन-आधारित प्रोग्राम तैयार किया है, जो मेहनत और आगे बढ़ने की क्षमता को महत्व देता है। टियर-आधारित सपोर्ट, नियमित प्रतियोगिताओं के मौके और स्पष्ट बेंचमार्क्स को शामिल करके हम ऐसा ढांचा बना रहे हैं, जिससे उभरती प्रतिभाएं धीरे-धीरे व स्थायी रूप से आगे बढ़ सकें और सही समय पर अगले स्तर पर पहुंच सकें। यह प्रोग्राम भारत के ईस्पोर्ट्स इकोसिस्टम को मजबूत करने के हमारे लॉन्ग टर्म विज़न को दर्शाता है, जिसकी नींव हम जमीनी स्तर से मजबूत कर रहे हैं।"

2025 में शुरू किया गया राइजिंग स्टार्स प्रोग्राम उभरते हुए ईस्पोर्ट्स खिलाड़ियों और गेमिंग कंटेंट क्रिएटर्स की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। इस प्रोग्राम के तहत स्ट्रक्चर्ड मेंटरशिप, इकोसिस्टम सपोर्ट और निरंतर विकास के अवसर प्रदान किए गए। पहले संस्करण में नूबपरी, शिराज, ज़लाइकम, सोमराज, मेर्नोक्स, सैम और ईविल जैसे सात होनहार ईस्पोर्ट्स खिलाड़ी और क्रिएटर्स शामिल थे, जिन्होंने पूरे साल के दौरान शानदार प्रगति दिखाई। कई राइजिंग स्टार्स ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर कई गुना ग्रोथ दर्ज की, जबकि लाइव स्ट्रीमिंग दर्शकों से गहरा और रियल-टाइम जुड़ाव बनाने का एक अहम माध्यम साबित हुई। रील्स, शॉर्ट्स, लॉन्ग-फॉर्म वीडियो और कम्युनिटी इंटरैक्शन में बेहतर कंटेंट अनुशासन देखने को मिला, जिससे साफ़ तौर पर यह दिखा कि शुरुआती स्तर के क्रिएटर्स अब ज़्यादा प्रोफेशनल और ऑडियंस-फोकस्ड ईस्पोर्ट्स पर्सनैलिटी के रूप में विकसित हो रहे हैं।

अपने पहले ही साल में इस प्रोग्राम ने खुद को एक विश्वसनीय और प्रभावशाली टैलेंट पाइपलाइन के रूप में स्थापित किया। इसने यह साबित किया कि लगातार मार्गदर्शन, क्रिएटर-फर्स्ट सपोर्ट और इकोसिस्टम तक पहुंच किस तरह ग्रोथ को तेज़ी से आगे बढ़ा सकती है। चुने गए प्रतिभागियों में आया यह बदलाव क्राफ्टन इंडिया ईस्पोर्ट्स की ओर से दी गई हैंड्स-ऑन मेंटरशिप, स्ट्रेटेजिक गाइडेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट और प्लेटफॉर्म प्रमोशन के ज़रिए संभव हुआ। इससे प्रतिभागियों को अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता के साथ-साथ डिजिटल मौजूदगी को भी मजबूत करने में मदद मिली।
यह बदलाव दर्शाता है कि भारत का क्रिएटर और ईस्पोर्ट्स इकोसिस्टम अब परिपक्व हो रहा है, जहां एक-बार की सफलता से ज़्यादा लंबे समय तक जुड़ाव और विश्वसनीयता मायने रखती है। राइजिंग स्टार को एक पाइपलाइन मॉडल के रूप में तैयार किया गया है, जिससे क्रिएटर्स अपनी परफॉर्मेंस और सक्रिय भागीदारी के आधार पर समय के साथ इसमें शामिल हो सकें, आगे बढ़ें और अपने स्केल को बढ़ा सकें।


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