महासमुंद : बेटियों की सफलता केवल उनकी नहीं, बल्कि परिवार और समाज की भी सफलता है - विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर स्थानीय शंकराचार्य भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक सिन्हा द्वारा मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास टीकवेंद्र जटवार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए उपस्थित महिलाओं एवं बालिकाओं को राष्ट्रीय बालिका दिवस के महत्व से अवगत कराया तथा शासन द्वारा संचालित बालिका सशक्तिकरण योजनाओं की जानकारी दी।
नगरपालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने “सशक्त बालिका, सशक्त समाज” की अवधारणा पर बल देते हुए बालिकाओं से जीवन में सही-गलत की पहचान कर सकारात्मक मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने बालिका सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि आज बालिकाएं प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर रही हैं, विशेषकर खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में बालिकाओं द्वारा हासिल की गई उपलब्धियां समाज के लिए गौरव का विषय हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों की सफलता केवल उनकी नहीं, बल्कि परिवार और समाज की भी सफलता है।
विधायक सिन्हा ने बालिकाओं में धैर्य एवं अनुशासन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए बेटियों के महत्व की सराहना की और कहा कि जिस घर में बेटियां होती हैं, वहां सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
इस अवसर पर खेलों में विशिष्ट पहचान बनाने वाली बालिकाओं को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने का संकल्प दिलाया गया तथा उपस्थित माताओं-बहनों को कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों के त्याग, बेटा-बेटी में भेदभाव न करने एवं बालिकाओं को शिक्षित करने की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों एवं कार्यकर्ता-सहायिकाओं को भी शाल-श्रीफल से सम्मानित किया गया। मंच संचालन सुधा रात्रे, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व युवा आयोग सदस्य प्रशांत श्रीवास्तव, पार्षद पीयूष साहू,राहुल आवड़े ,संदीप घोष, पार्षद गण, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह की महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक तथा विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।