CG : नई आबकारी नीति के खिलाफ प्रदर्शन, प्लास्टिक बोतल में शराब बिक्री का हो रहा विरोध
दुर्ग। छत्तीसगढ़ सरकार की प्रस्तावित नई आबकारी नीति 2026-27 को लेकर विरोध के स्वर तेज़ हो गए हैं। नीति के तहत आगामी वित्तीय वर्ष से शराब की बिक्री कांच की जगह प्लास्टिक बोतलों में करने के निर्णय ने हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया है। इसी फैसले के विरोध में सोमवार को सैकड़ों लोग दुर्ग कलेक्ट्रेट पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में दिव्यांगजन भी शामिल हुए, जिन्होंने “प्लास्टिक हटाओ, देश बचाओ” जैसे नारे लगाए।
बोतल कारोबार से जुड़े श्रमिकों और व्यापारियों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल न केवल लाखों लोगों के रोजगार को खत्म करेगा, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करेगा।
वहीं कांच की बोतलें इकट्ठा कर जीवनयापन करने वाले दिव्यांग दादू चंद्राकर ने बताया कि वे पिछले 25 से 30 वर्षों से इसी काम से जुड़े हैं और प्रतिदिन 500 से 600 रुपये की कमाई कर अपने सात सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि वे गांव-गांव जाकर बोतलें इकट्ठा करते हैं और उसी मेहनत की मजदूरी से घर चलता है। दादू चंद्राकर ने सरकार से अपील की कि उनका रोजगार छीना न जाए।
बॉटलिंग व्यवसाय से जुड़ी नम्रता देवांगन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदेश में प्लास्टिक बोतलों में शराब की बिक्री शुरू होती है, तो इस क्षेत्र से जुड़े 12 से 15 लाख लोग बेरोजगार हो सकते हैं। उन्होंने मांग की कि शराब की बिक्री कांच की बोतलों में ही जारी रखी जाए।