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धान ख़रीदी को लेकर कर्मचारी ने की लापरवाही, 600 कट्टा धान नहीं बेच पा रहा किसान.

धान ख़रीदी को लेकर सरायपाली ब्लाक में एक कर्मचारी के लापरवाही की शिकायत एसडीएम व कलेक्टर से की गई है. जानकारी के अनुसार कर्मचारी ने लापरवाही के बावजूद किसान से धमकी भरी बात कर उसके साथ दुर्व्यवहार किया. जिससे अब वह 600 कट्टा धान की बिक्री करने से  वंछित रह गया, और अपने बर्बाद हो जाने की बात कह रहा है.

मामला सरायपाली ब्लॉक के ग्राम बेहरापाली का है जहाँ चार किसान परमानंद पटेल पिता घनश्याम पंडरीपानी,  मधुसूदन पिता नीलाम्बर ज्महारी,  नन्द कन्हैया पिता उदेराम पोटा पारा व टीकाराम पिता राम कृष्ण ने कलेक्टर महासमुन्द, एसडीएम  सरायपाली व तहसीलदार सरायपाली को आवेदन देते हुए गुहार लगाया है की उनकी समस्या का जल्द से निवारण किया जाए और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी के ऊपर कार्यवाही की जाए.

शिकायत के अनुसार परमानंद पटेल स्वर्गीय श्री घनश्याम पटेल पंडरीपानी,  बहेरापाली,  ज्महारी में किसान का 24 एकड़ भूमि है जो कि नूनपानी ज्महारी धान खरीदी केंद्र में पंजीयन है. शिकायत के अनुसार धान केंद्र ज्महारी नूनपानी के धान खरीदी केंद्र आपरेटर और केंद्र प्रभारी नेहरुलाल मेहेर के द्वारा लापरवाही और गलतियों का भुगतान किसानों को भरना पड़ रहा है.

शिकायतकर्ता के अनुसार किसान के घर मे पहले 60 कट्टे धान था, तब किसान ज्महारी धान खरीदी केंद्र जाकर 60 कट्टा धान का टोकन कटवाया. एवं दूसरा टोकन 150 बोरी का कटवाया गया था.

इसके बाद जब तीसरा बार धान खरीदी केंद्र जाकर धान खरीदी केंद्र प्रभारी और आपरेटर को बचे हुए सभी धान के लिए जब टोकन काटने को कहा गया तो धान खरीदी केंद्र और ऑपरेटर द्वारा घर जाओ टोकन कट जाएगा बोला गया और बाद में मात्र 200 बोरी के धान का टोकन काट दिया गया.

किसानो ने जब खरीदी केंद्र जाकर ऑपरेटर और और प्रभारी से दोबारा सभी बचे हुए धान का टोकन क्यो नही कटा पूछा तो उसे गुमराह करते हुए बताया गया कि 4 बार टोकन कटेगा और  सभी धान का टोकन कटने का भरोषा दिलाया गया.

इसके बाद जब ज्महारी धान केंद्र खरीदी के अंदर बचे हुए किसान चौथी बार टोकन के लिए पहुँचे तो धान प्रभारी ने कहा की 4 टोकन के लिए साफ्टवेयर अभी शाशन द्वारा बन्द कर दिया गया है.

इसपर किसानों ने धान खरीदी केंद्र के प्रभारी से कहा कि 4 बार टोकन नही कटा तो हमारा धान का क्या होगा ? हम बर्बाद हो जाएंगे... इसके बाद धान केंद्र के कर्मचारी किसानों पर ही भड़क गए और और धमकी भरी बातें कर उनके साथ दुर्व्यवहार किया. जिसे लेकर किसान अब उचित कार्यवाही किये जाने की प्रतीक्षा कर रहें है.