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जिला मुख्यालय के टाॅऊन हाॅल में फ्रंट लाइन वर्कर्स का किया गया स्वास्थ्य परीक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान 07 कोविड पॉजिटिव, 10 से अधिक शुगर एवं 06 में ब्लड प्रेसर की समस्याएं रहीं

 कोविड-19 महामारी की रोकथाम और उपचार में शुरुआत से ही मैदानी स्तर पर कार्य सम्हाल रहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और मितानिनों के स्वास्थ्य की भी इन दिनों जानकारियां ली जा रही है। जिला स्वास्थ्य से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री शहरी स्वास्थ्य स्लम योजना अंतर्गत गुरुवार 19 नवम्बर 2020 को शहरी क्षेत्र महासमुन्द के 161 फ्रंट लाइन वर्कर्स का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिला मुख्यालय महासमुंद के टाउन हॉल में आयोजित इस विशेष निःशुल्क आउट रीच कैम्प में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सहायिकाओं एवं मितानिनों की कोविड-19 जांच सहित उनमें मधुमेह व अनियमित रक्तचाप जैसी बीमारियों का परीक्षण किया गया।


स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य जांच के दौरान 161 जांच में रैपिड एंटीजन टेस्ट से 80 कार्यकर्ताओं के नमूने परखे गए। जिनमें से 07 के परिणाम धनात्मक आए। वहीं ट्रू-नाॅट एवं आरटीपीसीआर प्रणालियों से भी पड़ताल किए जिनमें 07 एवं 02 कार्यकर्ताओं के नमूने एकत्र किए गए हैं। इसके अलावा 121 कार्यकर्ताओं की मधुमेह जांच में 10 से अधिक का शुगर लेबल ज्यादा निकला और रक्तचाप मापन में भी 06 में बीपी लेबल अधिक पाया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इनकी जांच के लिए अनुभवी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया था। अन-फिट पाए गए कार्यकर्ताओं को जल्द स्वास्थ्य लाभ मिले इसके लिए मौके पर ही उचित परामर्श एवं आवश्यक दवा वितरण भी किया गया। उल्लेखनीय है कि इस आउट रीच कैम्प में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नयापारा की चिकित्सा अधिकारी डॉ. अलविया अराबा दास, ग्राम लहंगर से ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (पुरूष) घनश्याम ध्रुव, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तुमगांव से मेडिकल लैब तकनीशियन भानू डडसेना एवं सुभाष बारीक सहित वॉर्ड बॉय नागेश्वर धीवर का योगदान सराहनीय रहा।

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