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फसल बीमा के नाम पर किसानों के फर्जी हस्ताक्षर से निकाले गए रकम, सहायक प्रभारी शिवलाल नायक के खिलाफ शिकायत.

जिले में किसानों के नाम पर ना जाने कितने ठगी किए गए है. कई मामले में तो लीपापोती हो चुकी है. जिससे भ्रष्ट कर्मचारियो के हौसले बुलंद है. जरूरत है तो एक दबंग अधिकारी का जो शिकायतकर्ताओं और किसानों को न्याय दिलाए.

छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने न्याय योजना की शुरुवात तो कर दी है. लेकिन ऐसे कई मामले हैं जिसमे किसान आज भी न्याय पाने से वंछित हैं. जिसमें जांच और कार्यवाही भी करना जरूरी है.

कई मामलों में शिकायत होती है, सबूत भी पेश किए जाते है लेकिन भ्रष्टाचार में संलिप्त आरोपियो के खिलाफ जांच तक नही होती है. इससे आम लोगों का शासन-प्रशासन से भरोषा उठ जाता है. चुकी जिनकी जिम्मेदारी है ओ अपना हाथ खड़े कर लेते हैं.

मामला महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक अन्तर्ग भँवरपुर जिला सहकारी बैंक अंतर्गत उड़ेला धान सोसायटी का है. जहां फसल बीमा के नाम पर किसानों के बिना जानकारी के किसानों के फर्जी हस्ताक्षर से विड्राल भर कर रकम निकाले गए हैं.

इस घोटाले को अंजाम देने वाले और कोई नही बल्कि वर्तमान में उड़ेला सोसायटी के खाद और धान में भ्रष्टाचार और गबन के मामले में बर्खास्त शिवलाल नायक है. जिनके खिलाफ यह शिकायत की गयी है.

इन किसानों के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर के सहारे निकले रकम.

किसान पुनूराम पिता रतिराम, मधुसूदन पिता पूरन, नकुल पिता बलदेव, विष्णु पिता भगतराम, कुमारी पिता पनकु, भुपेंद्र पिता चन्द्र भान को अभी तक फसल बीमा का रकम नही मिल पाया. और उनके साथ धोखाधड़ी कर फर्जी तरीके से राशि का आहरण कर लिया गया है.

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शिवलाल नायक द्वारा किसानों के बिना जानकारी के फर्जी हस्ताक्षर के सहारे उड़ेला समिति पंजीयन क्रमांक 1212 में वर्ष 2016 से 2019 तक सरकार द्वारा जारी बीमा राशि मे जमकर भ्रष्टाचार किया गया.

किसानों को बिना बताए और बिना जानकारी के फर्जी हस्तक्षार करके किसानों के खाते से राशि निकाल लिया गया है. और खुद के द्वारा गबन कर लिया गया है. जिसके बाद बीमा राशि आज तक किसानों को नही पहुंची है.

वहीं पूरे मामले में शिवलाल नायक ने कहा कि जिन किसानों के नाम पर शिकायत किया गया है, उनका ऋण था इसलिए समायोजन करने का आदेश था इसलिए समायोजन किया गया है.

जबकि शिकायतकर्ताओं ने बताया है कि धान बिक्री के बाद ऋण का रकम धान बिक्री खाते में जब पैसा आता है उसी समय काट दिया गया है. फसल बीमा को सामायोजन के नाम पर शिव लाल नायक द्वारा गुमराह किया जाता है.

मामले में तत्कालीन सहायक व्यवस्थापक शिवलाल नायक की भूमिका संदिग्ध है, मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्यवाही के मांग किए है. इसकी शिकायत 24 अगस्त 2020 को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महासमुंद को किया गया है. और जांच के लिए सहकारिता विभाग को ज्ञापन दिया गया है. जिसमे अभी तक मामला लंबित है. जांच पूरा नही हो पाया है.

मामले में तत्कालीन सहायक प्रभारी शिव लाल नायक ने कहा शिकायत में कोई सच्चाई नही है, जिन शिकायतकर्ताओं ने शिकायत किया है उनमें से एक भी पीड़ित किसान नही है. शिकायत में अन्य किसानों को फसल का बीमा राशि नही मिलने से शिकायत कर दिया गया है.

शिवलाल नायक ने कहा कि किसानों को रकम नही मिलने से शिकायतकर्ताओ को ऐसा लग रहा है कि फसल बीमा को गबन कर लिया गया है, जबकी सच्चाई यही है कि सरकार द्वारा फसल बीमा दिए जाने के बाद जिनका ऋण रहता है उनका समायोजन करना रहता हैं. शिवलाल नायक ने कहा कि मामले में जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी.

मामले में भँवरपुर जिला सहकारी बैंक प्रबंधक अमृत जगत ने कहा कि आज तक मुझे किसी भी प्रकार का जानकरी नही मिला है, और नाही कोई शिकायत कॉपी, अगर ऐसा हुआ भी है तो गलत है. लेकिन जिन किसानों के नाम से फर्जी आहरण किया गया है उनको बैंक में आकर बताना चाहिए या कुछ सबूत बताना चाहिए कि हमारे साथ ऐसा धोखाधड़ी हुआ है. जिससे बैंक द्वारा भी जांच और कार्यवाही किया जा सकता था.

बैंक प्रबंधक ने कहा कि उड़ेला में आपसी रंजिश के चलते ऐसा शिकायत किया जा रहा है. बैंक प्रबंधक ने कहा की ऐसे कई किसान है जिनके साथ ऐसे घटना हुआ है. जो भँवरपुर बैंक आए और प्रमाण दिखाए.

उन्होंने कहा कि अगर मामला 2016 का है तो इतना दिन तक कहाँ थे ? अगर किसी के साथ ऐसा हुआ है तो भँवरपुर जिला सहकारी बैंक में सबूत के साथ पेश होना चाहिए.




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