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महासमुंद : स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य सेवाएं उप संचालक ने ली समीक्षा बैठक

वर्तमान परिप्रेक्ष्य में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार बढ़ोत्तरी और बहेतर प्रबंधन के विषय पर आमूल-चूल परिवर्तनों के साथ जन सामान्य के उपचार के लिए चिकित्सकीय उपबंधों में नए आयाम जुड़ते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में कार्य योजनाओं की समीक्षा और आगामी क्रियान्वयन के मुद्दे पर मंगलवार 24 नवम्बर 2020 को उप संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं ने जिले में एक विशेष कक्षा आयोजित की। पूर्व नियोजित कोविड आयोजन में कंट्रोलिंग से लेकर चिकित्सा संवाओं के उन तमाम मामलों में समीक्षा की गई, जिसमें सरकार आमजन के लिए सुरक्षात्मक चिकित्सकीय उपबंध बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रही है। 

जिला स्वास्थ्य से मिली जानकारी के मुताबिक उप संचालक  वाय. के. शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन. के. मंडपे सहित जिले के समस्त विकासखण्डों के चिकित्सा अधिकारी, बीईटीओ और कार्यक्रम प्रबंधक सहित संबंधित सभी अधिकारी अधिकारी-कर्मचारी जिला मुख्यालय स्थित सीएमएचओ ऑफिस में सोशल डिस्टेन्सिंग के दायरे में एकत्र हुए। 

इस दौरान डाॅ. शर्मा ने सबसे पहले कोविड जांच से कतराने वाले लोगों को काउंसलिंग के माध्यम से प्रेरित करने व लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने हाइड्रोसिल की तरह अन्य बीमारियों में भी, जिसमें कोविड जांच करने की आवश्यकता हो मरीजों की जांच करने व करवाने में ढ़िलाई न करने की बात कही। होम आइसोलशन के मामले में उन्हों कड़ाई से कहा कि यदि जांच के बाद धनात्मक आने पर भी मरीज अगले 24 घंटों में नियमों का पालन नहीं करते तो उन्हें कोविड-19 सेन्टर्स में भेजा जाए। 

इस ओर नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर निर्णय लेने का अधिकार अस्पताल प्रबंधन को प्राप्त होगा। कोविड मृत्यु के प्रकरणों में अंतिम संस्कार को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि मृतक के परिजनों में किसी एक व्यक्ति को जो कि सावधानी सुरक्षा नियमों का पालन करे शामिल होने का पात्रता होगी, वहीं एक ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक पुरूष द्वारा भी यह कार्रवाई की जा सकती है। लैब जांच को लेकर भी उन्होंने विशेष सावधानी रखने के साथ नई नियमावली का पूर्ण पालन करने के निर्देश दिए। जिसमें कोविड जांच के साथ मलेरिया और डेंगू की जांच को भी प्राथमिकता देने की बात कही। इधर, अन्य जिले के मरीजों के मामले में उन्होंने कहा कि यदि कोई कोविड का मरीज जिले में आने के बाद धनात्मक पया जाता है तो भी उसे पूरी सेवा सुविधाएं जिले में ही मुहैया कराई जानी है।

उक्त निर्देशों के साथ उन्होंने कहा कि कोविड-19 की वैश्विक महमारी का दौर अभी समाप्त नहीं हुआ है और इसलिए इस ओर हमें अभी भी कमर कस कर साहस और धैर्य से सेवाएं देते रहने की आवश्यकता है, यही हमारी नैतिक, कार्मिक और प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। इस समीक्षा बैठक में जिला एवं विकाखण्ड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारियों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन. के. मंडपे, खण्ड चिकित्सा अधिकारी महासमुंद डाॅ. विपिन राय, खण्ड चिकित्सा अधिकारी पिथौरा डाॅ. तारा अग्रवाल, खण्ड चिकित्सा अधिकारी सरायपाली डाॅ. नारायण साहू, खण्ड चिकित्सा अधिकारी बसना डाॅ. राजेश पटेल, कोरोना वायरस एवं नियंत्रण दल के जिला नोडल अधिकारी डाॅ. अनिरुद्ध कसार, जिला सर्विलेन्स अधिकारी डाॅ. छत्रपाल चंद्राकर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री रोहित कुमार वर्मा एवं समस्त सहायक खण्ड विकास विस्तार अधिकारी व विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक उपस्थित रहे।




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