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इस योजना पंजीयन के बाद किसानों के खाते में शासन की ओर से दी जाएगी राशि, च्वाईस सेंटर को भी मिलेगा कमीशन

प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना के अंतर्गत मछली पालन व्यवसाय से जुड़े किसानों, समितियों एवं समूहों को अब केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पाने के लिए राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) पर पंजीयन कराना अनिवार्य कर दिया गया है।

सहायक संचालक मत्स्य विभाग ने बताया कि इस पंजीयन की प्रक्रिया कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) यानी च्वाईस सेंटर के माध्यम से की जाएगी। मछली पालन, मत्स्याखेट या मछली बिक्री जैसे कार्यों में संलग्न सभी व्यक्तियों को इस पोर्टल पर व्यक्तिगत रूप से पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।

पंजीयन के लिए किसानों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ लाना होगा, क्योंकि ओटीपी सत्यापन अनिवार्य है। पंजीयन के बाद किसानों को प्रारंभिक अस्थायी प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।

मत्स्य विभाग द्वारा सत्यापन के उपरांत उन्हें स्थायी प्रमाण-पत्र भी जारी किया जाएगा। पंजीयन के बाद मत्स्य किसानों को 80 रुपए की राशि उनके बैंक खातों में शासन की ओर से दी जाएगी, वहीं च्वाईस सेंटर को प्रति पंजीयन 18 रुपए का कमीशन मिलेगा।

मत्स्य विभाग ने जिले के सभी मछली पालकों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ लेने हेतु अनिवार्य रूप से अपना पंजीयन जल्द से जल्द कराएं, ताकि केंद्र सरकार की मत्स्य संबंधी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके।


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अविनाश नायक

मैं डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ और टेक-सैवी पत्रकार हूँ, जो पिछले 9 वर्षों से छत्तीसगढ़ सहित महासमुंद, सरायपाली, बसना और पिथौरा क्षेत्र की स्थानीय खबरों के साथ, देश-विदेश एवं शासकीय योजनायें, रोजगार अथवा बैंकिंग से सम्बंधित समाचार प्रकाशित करता हूँ। पत्रकारिता के साथ-साथ मुझे Windows VPS सर्वर, IIS कॉन्फ़िगरेशन, SQL सर्वर और MVC, .NET, C# जैसी एडवांस तकनीकों का गहरा व्यावहारिक अनुभव है. इसके पूर्व करीब 6 वर्ष तक का मेरा सॉफ्टवेयर, प्रोग्रामर के रूप में अनुभव रहा है.
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