रुनाया और इकार्ट के संयुक्त उपक्रम ने गैस-एटोमाइज़्ड एल्युमीनियम पाउडर के लिए भारत की पहली इकाई की शुरुआत की
सर्कुलर इकोनॉमी और वेस्ट-टू-वेल्थ (कचरे से मूल्य) से जुड़ी उन्नत तकनीकी समाधान देने वाली कंपनी रुनाया मेटसोर्स (“रुनाया”) और जर्मनी मुख्यालय वाली एल्युमीनियम ग्रैन्यूल्स व इफेक्ट पिगमेंट्स की वैश्विक अग्रणी कंपनी एकार्ट ने ओडिशा के झारसुगुड़ा में अपने संयुक्त उद्यम की इकाई रुनाया एकार्ट एल्युमीनियम पाउडर प्राइवेट लिमिटेड (आरईएल) के निर्माण की घोषणा की है।
रुनाया एकार्ट एल्युमीनियम पाउडर का यह संयंत्र पर्यावरण के अनुकूल, गोल आकार वाले, विशेष तकनीक से बनाए गए एल्युमीनियम पाउडर का निर्माण करेगा। यह भारत में पहली बार किया जा रहा है।
इन पाउडरों का उपयोग हवाई यातायात, अंतरिक्ष अन्वेषण, अंतरिक्ष यान निर्माण, सौर ऊर्जा तकनीक, रासायनिक उत्प्रेरक उद्योग और सजावटी रंगद्रव्यों जैसे उन्नत क्षेत्रों में किया जाएगा। सजावटी रंगद्रव्य ऐसे विशेष रंग होते हैं, जो चमक, झिलमिलाहट और रंग बदलने जैसे दृश्य प्रभाव पैदा करते हैं। इनका उपयोग विभिन्न उद्योगों में उत्पादों को अधिक आकर्षक और सुंदर बनाने के लिए किया जाता है। यह संयंत्र भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि अब तक ऐसे बारीक और गोल एल्युमीनियम पाउडर पूरी तरह विदेशों से मंगाए जाते थे।
इस संयंत्र का मुख्य आधार एक उच्च सटीकता वाली एटोमाइजेशन प्रक्रिया है, जिसमें पिघले हुए एल्युमीनियम को निष्क्रिय वातावरण में, अधिक तापमान और दबाव पर सूक्ष्म कणों में बदला जाता है। इससे एक समान और बहुत बारीक पाउडर तैयार होता है, जिसका औसत कण आकार लगभग 15 माइक्रोन होता है। इस पाउडर को ग्राहकों की विशेष जरूरतों के अनुसार आगे भी तैयार किया जा सकता है। रुनाया एकार्ट एल्युमीनियम पाउडर संयंत्र में विशेष मिश्र धातु वाले पाउडर भी बनाए जाएंगे, ताकि निर्माण क्षेत्र में उभर रहे उन्नत और उच्च तकनीक वाले उपयोगों की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
इन पाउडरों की गोल संरचना उन्हें कई महत्वपूर्ण उद्योगों में बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम बनाती है। इनका उपयोग पेंट और परत चढ़ाने वाले पदार्थों, वाहन उद्योग और विमान निर्माण प्रणालियों में किया जाता है। इसके अलावा, इन पाउडरों का उपयोग सिलिकॉन से बनी सौर कोशिकाओं पर लगाए जाने वाले सौर पेस्ट में भी होता है, जिससे पिछली सतह की मजबूती बढ़ती है और विद्युत प्रवाह क्षमता में सुधार होता है। इन पाउडरों का रासायनिक अभिक्रिया को तेज करने वाले पदार्थों, अत्यधिक ताप सहने वाली सामग्रियों और टाइटेनियम डाइऑक्साइड के निर्माण में भी महत्वपूर्ण उपयोग होता है।
इकार्ट, जो सजावटी रंगद्रव्यों के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अग्रणी और बाजार में अग्रस्थान पर है, दुनिया के सबसे गुणवत्ता-सचेत ग्राहकों को उन्नत उपयोगों के लिए एल्युमीनियम पाउडर उपलब्ध कराता है। इसके रंगद्रव्यों का उपयोग दुनिया भर की प्रमुख पेंट और परत चढ़ाने वाली कंपनियां व्यापक रूप से करती हैं। यह संयुक्त उपक्रम इकार्ट की गहरी विशेषज्ञता और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व को रुनाया की नवाचार-आधारित, पुनर्चक्रण अर्थव्यवस्था पर केंद्रित निर्माण क्षमताओं के साथ जोड़ता है। इसका उद्देश्य भारत में विश्व-स्तरीय, कम कार्बन उत्सर्जन वाला और उच्च मूल्य वाली सामग्रियों का एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है।
रुनाया के प्रबंध निदेशक नैवेद्य अग्रवाल ने कहा, “यह संयुक्त उपक्रम उन्नत एल्युमीनियम पाउडर के देश में ही निर्माण को संभव बनाकर भारत की उच्च मूल्य वाले तैयार उत्पाद बनाने की क्षमता को मजबूत करता है। ये सामग्री अंतिम उत्पादों की गुणवत्ता, कार्यकुशलता और सुंदरता को काफी बेहतर बनाएंगी, साथ ही उनके अंतिम उपयोगों के प्रदर्शन और भरोसेमंदता में भी सुधार करेंगी। केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने से आगे बढ़कर, यह संयंत्र भारत के साधारण धातु आपूर्ति से आगे बढ़कर अभियांत्रिक सामग्रियों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अधिक उन्नत और मूल्य-आधारित उद्योगों को समर्थन देता है।”
इकार्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. क्रिश्चियन प्रिज़िबायला ने कहा “रुनाया के साथ हमारी यह साझेदारी तकनीक, सतत विकास और नवाचार का एक सशक्त संगम है। यह सहयोग हमें दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों में से एक में प्रवेश दिलाता है, साथ ही कार्बन तटस्थता के प्रति हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता को भी और मजबूत करता है। हम इस साझेदारी को और गहराई देने तथा आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।”
पहले जो एल्युमीनियम पाउडर विदेशों से मंगाए जाते थे, उनके अब देश में उपलब्ध होने से भारतीय निर्माताओं को विश्वसनीय, उच्च गुणवत्ता वाली और लागत के लिहाज़ से किफायती आपूर्ति मिल सकेगी। इससे आयात पर निर्भरता में बड़ी कमी आएगी, आपूर्ति में लगने वाला समय कम होगा, और कई रणनीतिक उद्योगों के लिए आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और बढ़ेगी।