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मनोज तिवारी के घर चोरी, भरोसेमंद ही पार किए लाखों रूपये, जानिए

डेस्क। मुंबई जैसे हाई-सिक्योरिटी शहर में अगर किसी सांसद के घर से लाखों रुपए चोरी हो जाएं और वो भी बिना ताला टूटे, बिना खिड़की तोड़े, तो मामला सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि भरोसे के टूटने का बन जाता है. बीजेपी सांसद और मशहूर भोजपुरी सिंगर मनोज तिवारी के अंधेरी पश्चिम स्थित घर में हुई यह चोरी इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि पहली नजर में सब कुछ सामान्य लग रहा था. घर सुरक्षित था. दरवाजे बंद थे. अलमारी सही सलामत थी. लेकिन अंदर से लाखों रुपए गायब हो चुके थे.

यही वजह है कि यह मामला धीरे-धीरे एक सस्पेंस थ्रिलर की तरह सामने आया. शुरुआत में किसी को समझ नहीं आया कि आखिर बिना किसी जबरन घुसपैठ के पैसे कैसे उड़ सकते हैं. शक गहराया. निगरानी बढ़ी. और फिर पुलिस और मैनेजमेंट ने मिलकर ऐसा ‘जाल’ बिछाया, जिसने चोर को खुद चलकर कैमरे के सामने ला खड़ा किया. इस पूरी कहानी में सबसे चौंकाने वाला सच यह था कि चोर कोई बाहरी नहीं, बल्कि घर का पुराना भरोसेमंद कर्मचारी ही निकला.

कैसे सामने आया चोरी का पहला मामला?
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब मनोज तिवारी के लंबे समय से मैनेजर रहे प्रमोद जोगेंदर पांडेय ने अंबोली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. प्रमोद पिछले करीब 20 वर्षों से मनोज तिवारी का कामकाज संभाल रहे हैं. उन्होंने बताया कि जून 2025 में पहली बार घर की अलमारी से 4.40 लाख रुपए गायब पाए गए थे. उस वक्त न तो ताला टूटा था और न ही किसी तरह की जबरदस्ती के निशान मिले थे, जिससे मामला रहस्यमय बन गया.

 

बढ़ते शक के बाद बिछाया गया ‘जाल’
जून में हुई चोरी के बाद मामला दबा जरूर रहा लेकिन शक खत्म नहीं हुआ. दिसंबर 2025 में तय किया गया कि अब चोरी को रंगे हाथ पकड़ना जरूरी है. इसके लिए घर के अंदर गुप्त रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए. यह कदम बेहद सोच-समझकर उठाया गया, ताकि चोर को भनक न लगे. कैमरे सीधे अलमारी और मुख्य रास्तों पर नजर रखने लगे.

सीसीटीवी में कैद हुआ पूरा सच
15 जनवरी की रात करीब 9 बजे सीसीटीवी कैमरे से अलर्ट मिला. फुटेज चेक की गई तो सभी हैरान रह गए. वीडियो में साफ दिखा कि एक शख्स बेहद आत्मविश्वास के साथ घर में दाखिल हुआ. उसके हाथ में डुप्लीकेट चाबियां थीं. वह सीधे बेडरूम पहुंचा, अलमारी खोली और 1 लाख रुपए निकालकर चला गया. यह शख्स कोई और नहीं, बल्कि मनोज तिवारी का पूर्व कर्मचारी सुरेंद्रकुमार दीनानाथ शर्मा था.

पूर्व कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में सामने आया कि सुरेंद्रकुमार को करीब दो साल पहले नौकरी से निकाल दिया गया था. लेकिन जाते समय उसने चालाकी से घर की सभी जरूरी चाबियों की डुप्लीकेट कॉपी बनवा ली थी. उसे घर की पूरी लेआउट, अलमारी की जगह और पैसों की जानकारी थी. इसी भरोसे का उसने गलत फायदा उठाया और बार-बार चोरी करता रहा.

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अंबोली पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया. पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे चोरी किए गए कुल 5.40 लाख रुपए की रिकवरी की कोशिश जारी है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपी ने पहले भी इसी तरह की वारदात तो नहीं की.










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