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दुनिया के नामी फार्मा शेयरों के बाद भारतीय निवेशक अब दिग्गज टेक्नोलॉजी शेयरों की ओर

इसका एक सबूत तो यह है कि 2020 में अब तक ग्लोबल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर एक लाख नए अकाउंट खुल चुके हैं

दुनिया की नामचीन फार्मा कंपनियों में निवेश के बाद बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में भी भारतीय निवेशकों की दिलचस्पी काफी बढ़ गई है. फेसबुक, अमेजन, एपल, नेटफ्लिक्स, माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट और टेस्ला के शेयरों में निवेश अब भारतीय निवेशकों के बीच आम होने लगा है. निवेशकों की दिलचस्पी FAANG शेयरों ( Facebook, Amazon, Apple, Netflix and Alphabet (पहले Google) में तेजी से बढ़ी है. दरअसल कई घरेलू ब्रोकरेज ने अपने ग्लोबल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किए हैं. इसके बाद ही देशी निवेशक भी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के शेयरों में निवेश कर रहे हैं. 

FAANG शेयरों की मांग बढ़ी

निवेशकों के बीच यह नया चलन कितनी तेजी पकड़ रहा है इसका एक सबूत तो यह है कि 2020 में अब तक ग्लोबल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर एक लाख नए अकाउंट खुल चुके हैं. पिछले साल दिसंबर से अब तक टर्नओवर दस गुना बढ़ चुका है. दरअसल Liberalised remittence scheme यानी LRS की वजह से फंड ट्रांसफर आसान हुआ है. साथ ही निवेश की लागतें भी घटी हैं. दूसरी ओर FAANG,Tesla,Nike और कुछ दूसरे शेयरों के मिलेनियल्स की दिलचस्पी ने भी ग्लोबल कंपनियों के शेयरों में उछाल पैदा की है.


फार्मा शेयरों में भी खासा निवेश

इस बीच, कोरोना वैक्सीन के मोर्चे पर अच्छी खबरों ने अमीर भारतीयों का रुझान बहुराष्ट्रीय फार्मा कंपनियों की ओर बढ़ा दिया है. जिस तरह दुनिया भर के अमीर, फार्मा कंपनियों में पैसा लगा रहे हैं ठीक उसी तरह भारतीय अमीर भी इस खेल में शामिल हो गए हैं. हाल के दिनों में कई एचएनआई औैर यहां तक कि रिटेल निवेशकों ने भी मॉडर्ना, फाइजर, जॉनसन एंड जॉनसन, एस्ट्रा जेनेका, ग्लैक्सो स्मिथक्लाइन, एबॉट और सनोफी के शेयरों में निवेश किया है.

भारत के निवेशकों की ओर से एसेट डाइवर्सिफिकेशन और हेजिंग की इस स्ट्रेटजी की शुरुआत 2014-15 में हुई थी. लेकिन कोरोना संक्रमण के दौर में इस ट्रेंड ने और जोर पकड़ा है. फार्मा कंपनियों के शेयरों में निवेश इसी ट्रेंड का हिस्सा है. घरेलू और इंटरनेशनल मार्केट में फाइजर, एस्ट्रा जेनेका, एबॉट और सनोफी के शेयरों में निवेश कर रहे हैं.







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