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महासमुंद : कृषक अपने उद्यानिकी फसलों के लिए 15 दिसम्बर 2020 तक करा सकते है बीमा

रबी फसल वर्ष 2020-21 के अंतर्गत पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना 22 जून 2020 को शासन की अधिसूचना के साथ प्रदेश में लागू हो गई है। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक ने बताया कि जिले के समस्त उद्यानिकी फसल जो टमाटर, बैगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज एवं आलू का उत्पादन कर रहे है। ऐसे ईच्छुक ऋणी एवं अऋणी कृषक 15 दिसम्बर 2020 तक लोक सेवा केन्द्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति या बीमा कंपनी बजाज एलायंस जनरल इंश्योरेंश के प्रतिनिधि से संपर्क कर अपने उद्यानिकी फसलों का बीमा करवा सकते है। 

इसके लिए बीमा कंपनी के राज्य स्तरीय प्रतिनिधि अनुपम श्रेय के मोबाईल नम्बर 77560-05596 एवं जिला स्तरीय प्रतिनिधि दीपक प्रधान के मोबाईल नम्बर 79872-62887 से भी संपर्क कर सकते है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए राजस्व निरीक्षक मण्डल को बीमा इकाई निर्धारित किया गया है।

उन्होंने कहा है कि इस योजना मे सभी ऋणी एवं अऋणी कृषक स्वैच्छिक आधार पर योजना मे शामिल हो सकते है। अऋणी कृषक द्वारा तैयार किए गए फसल बुवाई प्रमाण पत्र क्षेत्रीय पटवारी, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी द्वारा सत्यापित होना चाहिए तथा अन्य अनिवार्य दस्तावेज के रुप में किसान किताब, बी-1, खसरा, नक्शा, आधार कार्ड, बैंक खाता तथा फोटो प्रस्तुत कर योजना मे शामिल हो सकते है। चयनित उद्यानिकी फसलों का बीमा कराए जाने के लिए किसानों को उन फसलों के लिए निर्धारित राशि का सिर्फ पांच प्रतिशत ही राशि देना होगा।

शेष प्रीमियम की राशि 50-50 प्रतिशत राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार द्वारा दिया जाएगा। ऋणी किसान अपने उद्यानिकी फसलों का बीमा कराने के लिए निर्धारित तिथि तक अपने सहकारी समिति, ग्रामीण, वाणिज्यिक बैंक शाखाओं से आवश्यक दस्तावेजों के साथ संपर्क कर बीमा करवा सकते है। इसके लिए प्रत्येक आर.आई. सर्किल में बीमा कंपनी द्वारा स्वचलित मौसम स्टेशन स्थापित किया गया है। जिससे मौसम संबंधी प्राप्त आंकड़ों के आधार पर बीमा दावा का भुगतान किसानों को किया जाता है। जो ऋणी कृषक योजना मे शामिल नहीं होना चाहते, उन्हे भारत सरकार द्वारा जारी चयन (आॅप्ट-आउट) प्रपत्रानुसार हस्ताक्षरित घोषणा पत्र बीमा आवेदन की अंतिम तिथि के 07 दिवस पूर्व तक अपने ऋण स्वीकृतकर्ता बैंक शाखा में अनिवार्य रुप से जमा करना होगा। निर्धारित समय-सीमा में हस्ताक्षरित घोषणा पत्र जमा नहीं करने पर संबंधित ऋण प्रदाता बैंक द्वारा रबी कृषि ऋण को अनिवार्य रुप से बीमित कर दिया जाएगा।

बीमा कराने के लिए टमाटर-100000, बैंगन-70000, फुलगोभी-60000, पत्तागोभी- 60000, प्याज-70000 एवं आलू का 100000 रूपए प्रति हेक्टेयर बीमित राशि निर्धारित किया गया है। तथा कृषक अंश राशि टमाटर-5000, बैंगन-3500, फुलगोभी-3000, पत्तागोभी-3000, प्याज-3500 एवं आलू का 5000 रूपए प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि बीमा क्लेम व राशि प्रदाय की प्रक्रिया में किसानों को विभिन्न मौसमी जोखिम जैसे-कम तापमान, अधिक तापमान, अधिक वर्षा, कम वर्षा, बेमौसम वर्षा, कीट एवं व्याधि प्रकोप के अनुकूल मौसम, वायु गति से फसलो को होने वाले क्षति से फसल बीमा का नियमानुसार लाभ प्राप्त होगा। रबी मौसम के टमाटर, बैगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज एवं आलू फसल के लिए ओलावृष्टि की स्थिति में कृषक इसकी सूचना सीधे बीमा कंपनी के टोल फ्री नम्बर 1800-209-5959 पर या लिखित रुप में 72 घंटे के भीतर संबंधित बैंक, स्थानीय राजस्व, उद्यानिकी, कृषि अधिकारी अथवा विकासखण्ड/जिला उद्यान अधिकारी को बीमा के ब्यौरे, क्षति का कारण सहित सूचित करेगा। संबंधित संस्था एवं विभाग 48 घंटा के भीतर  कृषकों से प्राप्त जानकारी (बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति के कारण सहित) बीमा कंपनी को प्रदान करेंगे। बीमा कंपनी द्वारा जिले में 34 स्थानों पर स्वचलित मौसम स्टेशन स्थापित किया गया है। जिससे प्राप्त मौसम संबंधी आंकड़ों के आधार पर ही बीमा दावा का भुगतान किया जाता है।




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