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सरायपाली : 6 लाख का भवन चला गया सरपंच, सचिव और इंजीनियर की जेब में, 9 साल बाद हुआ खुलाशा तो ढूंढते रह गए अधिकारी...

हेमन्त वैष्णव. ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार के जड़ों की गहराई इतनी अंदर तक जकड़ी हुई है कि 9 साल तक किये गए किसी भ्रष्टाचार को ग्रामीण नहीं जान पाते हैं. जानकारी के आभाव ग्रामीण आज भी अपने पंचायत में होने वाले विकास के बारें में जानकारी नहीं जुटा पा रहा है. जिसका फायदा जनप्रतिनिधि और कर्मचारी उठा रहे हैं.

ऐसा ही मामला है सरायपाली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम खैरझिटकी का, जहाँ अब से 9 वर्ष पूर्व स्वीकृत हुए 6 लाख के उचित मूल्य दूकान की रकम को केवल कागज़ में बनाकर पूरी राशि को सरपंच, सचिव और इंजीनियर ने अपनी जेब में भर ली.

वहीँ 9 साल बाद जब मामले की जानकारी हुई तो, जाँच में पहुंचे अधिकारी भवन को ढूंढते रह गए लेकिन भवन के नाम पर एक ईंट भी नहीं मिली.


भवन के नाम पर राशि 2 किस्तों में आहरण किया गया है, जिसमे कुछ कार्य पूर्ण होने के बाद इंजिनियर के प्रतिवेदन के आधार पर दूसरी क़िस्त जारी किया जाना था, लेकिन इंजिनियर ने ऐसा प्रतिवेदन बनाया कि भवन बनाये बिना ही दूसरी क़िस्त भी जारी हो गई.    

अब 9 साल बाद भी कार्यवाही के नाम पर इनसे सिर्फ वसूली की कार्यवाही की जा रही है. जबकि इनपर दंडात्मक कार्यवाही कर इन्हें जेल भेजने की तैयारी करनी चाहिए है, लेकिन रिकवरी के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति किया जा रहा है.

हालांकि जनपद पंचायत सरायपाली के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है जो भी सरपंच, सचिव और इंजीनियर दोषी पाए जाएंगे उनपर कार्यवाही किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है की ना सिर्फ वसूली भी बल्कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज भी कराया जाएगा.

गाँव के सरपंच, सचिव और कर्मचारियों की इन्ही कारनामों के चलते कुछ दिन पहले सोशल मिडिया में एक विडियो वायरल हो रहा था, जो ठीक इसी तरह है. नीचे आप विडियो देख सकते हैं. साथ ही ऐसे सरपंच सचि के खिलाफ कार्यवाही नही होने के कारण सरपंच सचिवो के हौसले बुलंद रहते हैं. और अंतिम सीमा तक ये लोग भ्रष्टाचार को अंजाम देते रहते है. इस भ्रष्टाचार से भला सिर्फ सरपंच सचिव का हो रहा है वहीँ गांव की विकास पीछे होते जा रहा है.



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