सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के गरीब लोगों तक उचित मूल्य पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना सरकार की मंशा है, लेकिन जिम्मेदार विभागीय अधिकारियो की उदासीनता के कारण यह योजना मैदानी स्तर पर फेल हो रही है। शासन ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में राशन दुकानें तो खोल दीं, लेकिन उनका लाभ ग्रामीण इलाकों के लोगों तक कम पहुंच रहा है। सेल्समैन की मनमानियों व विभागीय अधिकारी उदासीनता के कारण कई राशन दुकानें माह में दो चार दिन ही खुल रही है।