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अब राशन कार्ड से मिलेगा 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, स्मार्ट कार्ड की वैधता हुई खत्म.

छत्तीसगढ़ में प्रदेशवासियों के लिए भूपेश सरकार ने बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार ने इलाज की राह खोल दी है, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राशन कार्ड से भी इलाज की सुविधा प्रदेश की जनता को दी। अब राशन कार्ड को ही पहचान पत्र माना जाएगा, स्मार्ट कार्ड की अनिवार्यता समाप्त कर दिया गया है। प्रदेश के 56 लाख परिवारों को राशन कार्ड के आधार पर इलाज में प्राथमिकता दी जाएगी। अंत्योदय राशन कार्डधारी को 5 लाख रुपए तक के उपचार कराने का लाभ मिलेगा, शेष बचे परिवारों को 50 हजार तक उपचार लाभ मिलेगा | इसके साथ ही सरकार के किसी भी दस्तावेज से भी इलाज की सुविधा लोगों को दी जाएगी। प्रदेश के अनुबंधित अस्पतालों में आज से यह सुविधा शुरू हो गई है।

बता दें कि नई व्यवस्था के लागू होने के पूर्व ही राज्य नोडल एजेंसी ने पूरा समन्वय बना रखा है, सॉफ्टवेयर में हुए बड़े बदलाव के लिए सभी सॉफ्टवेयर इन्जीनियरों के मोबाइल नंबर अस्तपालों को पूर्व से ही मुहैया करा दिए गए हैं, अस्पतालों व मरीजों को किसी भी तरह की दिक्कत होने पर तत्काल मदद उपलब्ध कराई जा रही है, इसके लिए राशनकार्ड के साथ कोई एक शासकीय पहचान पत्र लाना अनिवार्य किया गया है, साथ ही राशनकार्ड के अलावा समाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2011 के हितग्राहियों को योजना का लाभ पूर्ववत् मिलता रहेगा।

डॉ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना लागू होने से पूर्व ही आस्पतालों व कियोस्क केन्द्रों में ई-कार्ड बनाने का काम चल रहा था, जो कि अभी भी जारी है, पूर्व में बने हुए ई-कार्ड में किसी तरह की दिक्कत आने पर अस्पतालों व कियोस्क केन्द्रों में ई-कार्ड में बदलाव करते हुए नये कार्ड जारी कर दिये जाएंगे।

अस्पताल में ही बनेगा ई-कार्ड

स्वास्थ्य संचालक नीरज बनसोड़ ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि राज्य सरकार ने राशन कार्ड को डॉ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के लिए अनिवार्य करते हुए मरीजों की राह आसान कर दी है, अब राशनकार्डधारी परिवारों को किसी सदस्य के बीमार पडने पर राशन कार्ड के साथ आधार कार्ड या अन्य शासकीय पहचान पत्र लेकर अनुबंधित अस्पताल जाना होगा, अनुबंधित अस्पतालों में ही तत्काल बीआईएस कर ई-कार्ड बना दिए जायेंगे, परिवार को योग्यता के हिसाब से पचास हजार या पांच लाख रुपए तक का इलाज मुहैया कराया जाएगा |