
CG : केंद्रीय बैंक में नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी, कांग्रेस के ब्लॉक कार्यकारणी अध्यक्ष और उसके साथी पर 420 का मामला दर्ज.
बिलाईगढ़ के कांग्रेस के ब्लॉक कार्यकारणी अध्यक्ष और उसके साथी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है.
मिली जानकारी के अनुसार कार्यकारणी ब्लॉक अध्यक्ष और उसके साथी ने केंद्रीय बैंक में नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी की है. बिलाईगढ़ कांग्रेस कार्यकारणी ब्लॉक अध्यक्ष दीपक टंडन और राकेश मानिकपुरी के खिलाफ गिधौरी थाने में 420 का FIR दर्ज, किया गया है.
कुम्हारी थाना गिधौरी निवासी छोटेलाल प्रधान उम्र 27 वर्ष जो कि वर्तमान ई-रिक्शा एवं चाउमिन दुकान चलाकर जीवन यापन करता है. जिसे वर्ष 2024 में शिवरीनारायण मेला के दौरान दीपक टण्डन, गोविन्दवन निवासी और उसके साथी राकेश दास मानिकपुरी अपने आप को किसी बड़े नेता का करीबी बताकर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में नौकरी लगाने के नाम पर 13 मार्च 2024 को राकेश दास मानिकपुरी के फोन-पे नंबर पर 50-50 हजार रूपये का चार बार ट्रांजेक्शन कराकर कुल 2 लाख रूपये का धोखाधड़ी कर ट्रांसफर करा लिया तथा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में नौकरी नहीं लगाया.
छोटेलाल ने बताया कि दीपक टण्डन ने अपने दोस्त राकेश दास मानिकपुरी को जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक का बड़ा साहब बताया था, तथा नौकरी नही लगने के बाद दीपक टण्डन एवं राकेश दास मानिकपुरी को वह 2 लाख रूपये वापस करने के लिए बार-बार फोन किया. इसके बाद उन्होंने छोटेलाल को 20 मार्च 2024 को प्राईवेट नौकरी का नियुक्ती पत्र दे दिया.
छोटेलाल ने बताया कि उसने कर्ज लेकर नौकरी के नाम पर दीपक टण्डन एवं राकेश दास मानिकपुरी को पैसा दिया है, जिसे वापस मांगने पर वापस नहीं किया जा रहा है, इसके चलते छोटेलाल को आर्थिक एवं मानसिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
वहीँ इस घटना के बाद दीपक टण्डन के गिरफ्तार को लेकर पुलिस पर संरक्षण देने का आरोप लगाये जा रहे हैं, क्षेत्र में यह चर्चा का विषय है कि 25 मार्च 2025 FIFIR होने के बाद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नही कर रही है. जबकि आरोपी और उसके साथी बिलाईगढ़ क्षेत्र घूम रहे हैं. इसी बीच फरार आरोपी बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे के साथ अपने जन्मदिन पर गोविंबन्द रेस्ट हाउस में देखा गया. लेकिन गिधौरी थाना प्रभारी आरोपी को पकड़ने में कोई दिलचस्पी नही दिखा रहे. जिसके चलते थाना प्रभारी की भूमिका पर भी प्रश्न चिन्ह लगाये जा रहे है.
बताया जा रहा है बहुत से लोगों से इसी तसरह से नौकरी लगाने के नाम से पैसा लिया गया है, लेकिन राजनैतिक सरंक्षण के चलते शायद अब तक गिरफ्तारी नही हो पा रही है.