ग्रामीणों द्वारा एम्बुलेंस की मांग पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया। साथ ही, ओपीडी पंजीयन की प्रक्रिया तत्काल ऑनलाइन प्रारंभ करने, रात्रिकालीन ड्यूटी हेतु मेडिकल स्टाफ का रोस्टर बनाने, और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।