पटवारियों की हड़ताल का आज तीसरा दिन...19 हजार पटवारी 26 अगस्... - CG Sandesh

पटवारियों की हड़ताल का आज तीसरा दिन...19 हजार पटवारी 26 अगस्त को जाएंगे भोपाल

मध्य प्रदेश के पटवारी सामूहिक अवकाश पर है। 19 हजार से ज्यादा पटवारी की हड़ताल का आज तीसरा दिन है। पटवारी शुक्रवार को हर जिले में प्रेसवार्ता आयोजित करेंगे। वहीं शनिवार को तिरंगा रैली निकाली जाएगी। जिसमें बड़ी संख्या में पटवारी भोपाल पहुंचेंगे। पटवारी वेतनमान को लेकर लंबे समय से सरकार से नाराज़ चल रहे हैं। प्रदेश भर से सभी 19 हजार पटवारी 26 अगस्त को भोपाल आएंगे। अटल पथ से मुख्यमंत्री निवास तक रैली निकालेंगे। पटवारी वर्ष 1998 में निर्धारित किए गए वेतनमान के अनुसार ही 2023 में भी वेतन दिए जाने से नाराज हैं। बीते 25 सालों में प्रदेश के पटवारियों के वेतनमान में कोई वृद्धि नहीं हुई है।

शिवराज सरकार से नाराज

मध्यप्रदेश के पटवारी वेतनमान को लेकर लंबे समय से शिवराज सरकार से नाराज चल रहे है। उनका कहना है कि, उनको 1998 को निर्धारित वेतनमान ही 2023 में दिया जा रहा है। बीते 25 सालों से उनके वेतनमान में कोई वृद्धि नहीं की गई। अपनी मांगों को लेकर 19 हजार से अधिक पटवारी 23 सितंबर से 26 सितंबर तक हड़ताल करेंगे। सभी पटवारी 26 सितंबर को भोपाल आएंगे। यहां पर अटल पथ से मुख्यमंत्री निवास तक रैली निकालेंगे।


इन मांगो को लेकर हो रहा विरोध

1998 से निर्धारित वेतनमान 2023 में दिया जा रहा है, 25 वर्षों में पटवारियों के वेतनमान में कोई वृद्धि नहीं की गई, जबकि राजस्व विभाग के राजस्व निरीक्षक से लेकर तहसीलदार व अधीक्षक भू-अभिलेख के वेतनमान में कई बार बृद्धि हुई। समयमान वेतनमान ग्रेड के सापेक्ष दिया जा रहा है, जबकि 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर दिया जाना चाहिए। मप्र में पटवारी संघ को समयमान वेतनमान पद के सापेक्ष न होकर ग्रेड पे के सापेक्ष दिया जा रहा है। कुछ माह पूर्व तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं राजस्व निरीक्षकों की पदोन्नति की गई, लेकिन प्रशासन की रीड की हड्डी कहे जाने वाले पटवारी पद को भेदभाव तरीके से वंचित रखा। 10 वर्षों से किसी भत्ते में कोई वृद्धि नहीं की।


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें