
मोदी सरकार जल्द शुरू करेगी यूनिवर्सल पेंशन योजना, असंगठित क्षेत्रों, कंस्ट्रक्शन वर्कर, घरेलू स्टाफ और गिग वर्कर्स को किया जाएगा शामिल
केंद्र सरकार देश के सभी नागरिकों के लिए Universal Pension Scheme लाने की तैयारी कर रही है. इसमें गैर-संगठित क्षेत्र के लोगों को भी शामिल किया जाएगा. अभी कंस्ट्रक्शन साइट वर्कर्स, डोमेस्टिक स्टाफ और गिग वर्कर्स को सरकार की ओर से चलाई जा रही पेंशन स्कीम का फायदा नहीं मिलता है.
इस स्कीम का फायदा सभी वेतनभोगी कर्मचारियों और स्वरोजगार करने वालों को मिलेगा. सरकार फिलहाल इसके लिए प्रस्ताव दस्तावेज तैयार कर रही है, जिसके बाद स्टेकहोल्डर्स से प्रस्ताव लिए जाएंगे.
मौजूदा पेंशन स्कीम से यह किस तरह अलग है Universal Pension Scheme?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मौजूदा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से अलग है, क्योंकि नई स्कीम में सरकार कई अलग-अलग स्कीम को मिलाकर यूनिवर्सल स्कीम बना सकती है. इसे स्वैच्छिक आधार पर किसी भी नागरिक के लिए सुरक्षित विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है.
नेशनल पेंशन स्कीम का क्या होगा?
सूत्रों के मुताबिक अगर यह स्कीम शुरू भी होती है तो यह न तो नेशनल पेंशन स्कीम की जगह लेगी और न ही इसमें मर्ज की जाएगी. यानी Universal Pension Scheme म का नेशनल पेंशन स्कीम पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
फिलहाल देश में एनपीएस और अटल पेंशन योजना चल रही है
देश में असंगठित क्षेत्र के लिए कई सरकारी पेंशन योजनाएं चल रही हैं. इनमें से एक है अटल पेंशन योजना. इस योजना में व्यक्ति के 60 साल का होने के बाद उसे हर महीने 1,000 रुपये से 1,500 रुपये तक का रिटर्न मिलता है.
इसके अलावा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएम-एसवाईएम) भी चल रही है. इसमें सरकार रेहड़ी-पटरी वालों, घरेलू कामगारों और मजदूरों को आर्थिक मदद देती है.
वहीं, किसानों के लिए एक अलग योजना- प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना चल रही है. इसमें निवेशक के 60 साल का होने के बाद सरकार हर महीने 3000 रुपये की मदद देती है.
1 अप्रैल 2025 से लागू होगी योजना
इसके तहत अगर किसी कर्मचारी ने 25 साल नौकरी की है तो उसे रिटायरमेंट से पहले नौकरी के आखिरी 12 महीनों की बेसिक सैलरी का 50 फीसदी भी पेंशन के तौर पर दिया जाएगा. अगर कोई कर्मचारी 10 साल बाद नौकरी छोड़ता है तो उसे हर महीने 10,000 रुपये पेंशन मिलेगी.
इससे करीब 23 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा. यह योजना 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी. वहीं, अगर किसी सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान जान चली जाती है, तो उसके परिवार को कर्मचारी की मौत के समय तक मिलने वाली पेंशन का 60 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा.