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बसना : योगेश कुमार ने बढ़ाई से प्रेरित होकर किया भव्य वृक्षारोपण.

प्रकृति संरक्षण और हरित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, जयसिंह ठाकुर, अध्यक्ष आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, तेतेलखूंटी गरियाबंद, एवं अध्यक्ष, भारतीय किसान संघ, अमलीपदर, मैनपुर, गरियाबंद,एवं विघ्नेश्वर साहू शासकीय प्राथमिक शाला कुर्रापारा बुर्जाबहाल मैनपुर गरियाबंद ने 1500 पौधों का वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश की। यह प्रेरणा उन्हें योगेश कुमार बढ़ाई द्वारा चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियान और "एक आदमी, एक वृक्ष – सुनहरा हो भविष्य" थीम से मिली।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक पहल

वृक्षारोपण अभियान के तहत आम, सागौन, सुपारी, जामुन, अंजीर, चंदन, सिंदूर, कटहल, मुनगा समेत कई औषधीय एवं छायादार पेड़ों के 1500 पौधे लगाए गए। इस अभियान का उद्देश्य प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना, ग्लोबल वॉर्मिंग की समस्या को कम करना और आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ एवं हरा-भरा पर्यावरण देना है।

2017 में छोटे प्रयास से शुरू हुई थी यह हरित क्रांति

वृक्षारोपण अभियान की नींव योगेश कुमार बढ़ाई ने 2017 में अपने निवास मोहगांव में रखी थी। शुरुआत में यह पहल कुछ सीमित लोगों के सहयोग से शुरू हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे यह एक महाअभियान का रूप ले चुकी है। इस अभियान में प्रणव प्रधान, कमलेश बारीक, शैलेन्द्र कर, किरण भोई, मोहनलाल साव, प्रताप प्रधान, मनोज बढ़ाई, हेमसागर बारीक, दिगेश साहू, कुलदीप साहू जैसे पर्यावरण प्रेमियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

राज्य की सीमाओं से निकलकर पूरे देश में फैला अभियान

योगेश कुमार बढ़ाई के प्रयासों से शुरू हुआ यह अभियान आज सिर्फ छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात जैसे कई राज्यों में लोग इससे प्रेरित होकर वृक्षारोपण कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता इस अभियान की सफलता को दर्शाती है।

"एक आदमी, एक वृक्ष" आंदोलन बना प्रेरणा का स्रोत

वृक्षारोपण अभियान की सफलता सिर्फ योगेश कुमार बढ़ाई ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। यह पहल समाज के हर वर्ग को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित कर रही है। इस महाअभियान का लक्ष्य हर व्यक्ति को एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित करना और एक हरा-भरा, समृद्ध भविष्य तैयार करना है।

इस वृक्षारोपण कार्य ने यह साबित कर दिया है कि अगर हर व्यक्ति एक पौधा लगाए और उसका संरक्षण करे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, स्वस्थ और हरित पृथ्वी की कल्पना साकार हो सकती है।



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