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ईंधन की कमी से ओडिशा में 2000 बसों का संचालन बंद, छत्तीसगढ़ के पेट्रोल पंपों में लग रही लंबी कतार, क्या अब रूस से कच्चा तेल खरीदेगा भारत ?

ओडिशा में तेल संकट अब गहराता हुआ नजर आ रहा है, यहां ईंधन की कमी के कारण परिवहन व्यवस्था लड़खड़ाती हुई नजर आ रही है।

ईंधन की कमी से ओडिशा के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र दोनों प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को अब अपने आय की चिंता सताने लगी है।

इस संकट के चलते ओडिशा के करीब 2000 बसों का संचालन पूरी तरह बंद हो चुका है। पेट्रोल पंप पर लंबी लंबी कतारे लगती दिखाई दे रही है। कई पंपों पर नो स्टॉक के बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं।

वहीं बस ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि यदि पूरी तरह से ईंधन की आपूर्ति नहीं की गई तो वे बसों का संचालन पूरी तरह से बंद कर देंगे।

बस मालिकों द्वारा सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर निर्णय लेने हेतु आग्रह किया जा रहा है।

हालांकि ओडिशा के पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल डीजल के स्टॉक उपलब्ध होने की बात कही जा रही है।

छत्तीसगढ़ के प्रदेश खाद्य सचिव रीना कंगाले ने कहा है कि प्रदेश के ऑयल डिपो से नियमित रूप से पेट्रोल डीजल की आपूर्ति की जा रही है।उन्होंने भ्रम व अफवाहों से पैनिक होकर खरीदी अथवा ईंधन का अनावश्यक संग्रहण ना करने की अपील की है।

हालांकि की छत्तीसगढ़ में आज महासमुंद जिले के बसना सहित कई जगहों पर पेट्रोल पंप में लंबी कतारें देखने को मिली।

वहीं ऐसे समय में रूस ने भारत को तेल की चिंता बिल्कुल ना करने के लिए कहा है, प्रधानमंत्री मोदी की पेट्रोल डीजल का कम इस्तेमाल करने की अपील के बाद रूस ने कहा कि तेल की आपूर्ति में भारत के हितों को कोई नुकसान नहीं होगा।

आपको बता दें कि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव इस समय विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में शामिल होने भारत आए हुए हैं। अब ऐसे में देखना होगा कि क्या भारत एक बार भी रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ाएगा जिससे कि भारत में हो रहे ईंधन की कमी को दूर किया जा सके।


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