बसना : शिशु मंदिर भंवरपुर में लौह पुरुष की जयंती मनाई गई
सत्यप्रकाश अग्रवाल. सरस्वती शिशु मंदिर भंवरपुर में आज शुक्रवार को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया गया. सर्वप्रथम विद्यालय के प्राचार्य कमल स्वर्णकार एवं प्रधान पाठक मोतीलाल यादव के द्वारा लौह पुरुष के छायाचित्र के तले दीप प्रज्वलित कर, पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया.
इस प्रकार सर्वप्रथम प्राचार्य कमल स्वर्णकार जी लौह पुरुष के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए गए मार्ग पर चलने को कहा गया और बताया गया कि सरदार पटेल जी की जयंती को हम सब एकता दिवस के रूप में मनाते हैं. उनके बताए मार्ग पर चलकर आपसी भेदभाव मिटाकर संगठित भाव से समाज और देश को आगे बढ़ाने का कार्य हम सबको मिलकर करना होगा.
इसके पश्चात द्वादश कक्षा के भैया बहनों के द्वारा लोह पुरुष के जीवनी पर प्रकाश डाले इस क्रम में भैया लोकेश देवांगन के द्वारा सरदार पटेल जी को लोह पुरुष क्यों कहते हैं इसे स्पष्ट किया गया उनका नाम उनके अटूट संकल्प, दृढ़ निश्चय और नेतृत्व की मजबूत क्षमता के कारण पड़ा. अगले क्रम में भैया रितेश प्रधान जी के द्वारा सरदार पटेल जी के विभिन्न कार्यों को अवगत कराया गया की स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल ने गृह मंत्री के रूप में 562 से अधिक रियासतों को बिना खून खराबे के भारत में शामिल करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. आगे बहन वैष्णवी द्विवेदी जी के द्वारा अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा गया कि लौह पुरुष उपाधि उनके लोहे के समान मजबूत और अटूट नेतृत्व को दर्शाती है. वे एक ऐसे व्यक्ति थे जो कठिन निर्णय लेने से नहीं डरते थे जिनकी नीतियां राष्ट्रहित के लिए होती थी. इसके बाद बहिन सीमा पटेल जी ने देशभक्ति से ओत प्रोत कविता प्रस्तुत किये.
इसी क्रम में आगे भैया दीपेन चौधरी, बहिन सीमा देवांगन, बहिनअनुराधा सिदार, भैया देवेंद्र, बहन नंदिनी पटेल, भैया भूपेंद्र पटेल सभी के द्वारा अपना-अपना विचार प्रस्तुत किया गया. इसके पश्चात प्रधान पाठक मोतीलाल यादव जी के द्वारा आभार व्यक्त किया गया और कहा गया और सरदार पटेल जी के बारे में बताएं और बोले कि हम 150वीं जयंती मना रहे हैं. इसके पश्चात समस्त आचार्य,दीदीयों एवं भैया बहनों के द्वारा प्राचार्य कमल स्वर्णकार जी के नेतृत्व में राष्ट्रीय एकता दिवस शपथ ग्रहण किया गया और कार्यक्रम का समापन किया गया. इस कार्यक्रम का संचालन द्वादश कक्षा के भैया सौरभ चौधरी और बहन इंदु डड्सेना जी के द्वारा किया गया और इस कार्यक्रम में सभी आचार्य एवं दीदीयों का विशेष सहयोग रहा.