नेशनल में 1 गोल्ड, छग में 7 गोल्ड व 3 सिल्वर मेडल जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर चमका बसना का बेटा
अब श्रीलंका में भारत का परचम लहराने की तैयारी
छत्तीसगढ़ संदेश । सी. डी. बघेल । बसना।
कहते हैं कि अगर जुनून सच्चा हो तो साधारण शुरुआत भी असाधारण मंजिल तक पहुंचा देती है। नगर के 20 वर्षीय युवा जयनारायण अग्रवाल 'राहुल' ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। यू-ट्यूब और इंस्टाग्राम पर पावर लिफ्टिंग की रील देखकर शुरू हुआ उनका शौक आज ऐसा जुनून बन चुका है कि राहुल अपने वजन से लगभग चार गुना अधिक यानी 447.5 किलो तक वजन उठाकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। बसना निवासी जयनारायण अग्रवाल (राहुल) पिता सुनील अग्रवाल उर्फ सुनील कंसल वर्तमान में बी.कॉम फाइनल ईयर का छात्र हैं।
करीब 120 किलो वजन वाले राहुल आज पावर लिफ्टिंग में तेजी से उभरते हुए खिलाड़ी माने जा रहे हैं। उन्होंने अब तक विभिन्न प्रतियोगिताओं में 20 मेडल और 15 मोमेंटो अपने नाम किए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ स्तर पर 7 गोल्ड और 3 सिल्वर मेडल शामिल हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर भी वे उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं। उदयपुर में मेडल जीतने के बाद राहुल ने छत्तीसगढ़ संदेश को बताया कि स्कूल जीवन में उनकी रुचि कबड्डी और क्रिकेट जैसे खेलों में थी।
अक्टूबर-नवंबर 2024 में एक दिन उन्होंने यू-ट्यूब पर पावर लिफ्टिंग का एक वीडियो देखा। उसी पल उनके भीतर इस खेल को लेकर रुचि पैदा हुई और धीरे-धीरे यह जुनून में बदल गया। नियमित पढ़ाई और स्वयं की किराना दुकान संभालने के बावजूद वे घंटों सोशल मीडिया पर पावर लिफ्टिंग के वीडियो देखते और तकनीक सीखने का प्रयास करते थे।
राहुल ने छत्तीसगढ़ संदेश को आगे बताया कि जब उन्होंने इस खेल में आगे बढ़ने की इच्छा अपने पिता सुनील अग्रवाल को बताई तो उन्होंने बेटे का उत्साह बढ़ाते हुए बसना से लगे खेमड़ा स्थित हेल्थ क्लब जिम में उनका एडमिशन करा दिया। राहुल रोज शाम को दो घंटे अभ्यास करने लगे। शुरुआत में उन्होंने 100 किलो वजन उठाना शुरू किया और लगातार मेहनत करते हुए अपनी क्षमता को कई गुना बढ़ा लिया।
इसी दौरान नगर में नीलांचल फिटनेस क्लब की शुरुआत हुई, जहां कोच लोकेश साहू के मार्गदर्शन में राहुल ने नई तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त किया। 1500 रुपए मासिक शुल्क पर उन्होंने वहां ज्वाइनिंग ली और अपने प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। 22 और 23 दिसंबर 2024 को पेंड्रा-मरवाही में आयोजित छत्तीसगढ़ स्तरीय सब जूनियर पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता राहुल के जीवन का पहला बड़ा मंच बना।
प्रतियोगिता में 250 से 300 प्रतिभागी शामिल हुए थे। अपनी कैटेगरी के 9 खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए राहुल ने पहला गोल्ड मेडल जीतकर सभी को चौंका दिया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। दल्ली राजहरा, भिलाई और रायपुर में आयोजित जूनियर स्तर की राज्य प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राहुल ने 7 गोल्ड और 3 सिल्वर मेडल अपने नाम किए।
447. 5 किलो वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीत कर पहला स्थान किया हासिल
राष्ट्रीय स्तर पर गुजरात की प्रतियोगिता में उन्होंने 412 किलो वजन उठाया, हालांकि वहां उन्हें उम्मीद के अनुरूप सफलता नहीं मिल सकी। लेकिन असफलता से निराश होने के बजाय उन्होंने अपनी मेहनत और बढ़ा दी। इसके बाद आगरा (उत्तर प्रदेश) में 2 से 4 अप्रैल 2026 तक आयोजित प्रतियोगिता में राहुल ने 422 किलो वजन उठाकर तीसरा स्थान हासिल किया और दो सिल्वर तथा एक कांस्य पदक जीता। वहीं 25 से 28 अप्रैल 2026 को उदयपुर (राजस्थान) में आयोजित प्रतियोगिता में 120 प्लस कैटेगरी में 447.5 किलो वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीत लिया।
अब राहुल का सपना राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए भारत के लिए विश्व स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना है। पासपोर्ट बनने के बाद जून माह में श्रीलंका में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में भाग लेने की तैयारी भी वे कर रहे हैं।
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