निवेश केवल एक क्रिया नहीं, सतत प्रक्रिया है - प्राचार्य डॉ. तपेश चंद्र गुप्ता
विद्यार्थियों को वित्तीय समझ और शेयर बाजार के महत्व पर किया जोर
छैम् एवं छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से वित्तीय साक्षरता और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण
शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य हुए एमओयू के तहत आयोजित चार दिवसीय रोजगारोन्मुख सर्टिफिकेट कोर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का तृतीय दिवस अत्यंत उत्साह और सक्रिय सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को वित्तीय क्षेत्र में व्यावहारिक दक्षता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. तपेश चंद्र गुप्ता के नेतृत्व में आज के सत्र में विशेष रूप से शेयर ट्रेडिंग की व्यावहारिक और तकनीकी जानकारी पर जोर दिया गया। प्रशिक्षक आशीष शर्मा ने विद्यार्थियों को शेयर बाजार की कार्यप्रणाली, ट्रेडिंग की रणनीतियाँ, तकनीकी विश्लेषण, चार्ट अध्ययन, कैंडलस्टिक पैटर्न, जोखिम प्रबंधन और बाजार के उतार-चढ़ाव को समझने के प्रभावी तरीकों से अवगत कराया।
प्राचार्य डॉ. गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक और कौशल-आधारित ज्ञान भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि निवेश केवल एक क्रिया नहीं, बल्कि सतत प्रक्रिया है। प्रत्येक विद्यार्थी को वित्तीय साक्षरता, शेयर बाजार, बैंकिंग प्रणाली तथा निवेश के मूल सिद्धांतों की जानकारी होनी चाहिए।
डॉ. गुप्ता ने यह भी कहा कि शेयर बाजार केवल धन अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, धैर्य और सही निर्णय क्षमता का भी परिचायक है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे बिना पर्याप्त जानकारी के निवेश न करें, पहले विषय का गहन अध्ययन करें, विशेषज्ञों की सलाह लें और छोटे स्तर से अनुभव अर्जित करें। इसके साथ ही प्रबंधन शास्त्र, आयकर विधि और कंपनी अधिनियम जैसे विषयों का अध्ययन अत्यंत लाभकारी होगा।
उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम उनके व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उन्हें रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार करते हैं। सभी विद्यार्थियों से उन्होंने आह्वान किया कि वे अनुशासन और पूर्ण मनोयोग के साथ प्रशिक्षण का लाभ उठाएं और इसे अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बनाएं।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कई प्रश्न पूछे, जिनका समाधान प्रशिक्षक ने वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से किया। इस संवादात्मक सत्र ने विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी सुदृढ़ किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापकगणकृडॉ. ज्योत्सना शर्मा, डॉ. मोनिका सिंह, डॉ. मोना जैन, डॉ. अरुणा शर्मा, डॉ. झरना रानी नाग, डॉ. अनिल रामटेके, डॉ. ममता पटेल, डॉ. गोवर्धन व्यास, डॉ. रेणु कुमार यादव, डॉ. हेमलता साहू, डॉ. नसीम और डॉ. इंदौरिया की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन किया।
महाविद्यालय परिवार के सभी प्राध्यापक, समिति सदस्य और कार्यालयीन कर्मचारी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिल रामटेके और डॉ. रेणु कुमार यादव द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम का अंतिम दिवस परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही, उत्कृष्ट प्रतिभागियों को अगले स्तर (लेवल-2) के प्रशिक्षण के लिए चयनित किया जाएगा। इस प्रकार, प्रशिक्षण कार्यक्रम का तृतीय दिवस विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और भविष्य निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हो रहा है।